पूर्वांचल स्वस्थ होगा तो देश प्रगति के प्रतिमान गढ़ेगा : राष्ट्रपति

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शिवम अग्निहोत्री भारत की लगाम न्यूज़:– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गोरखपुर में प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह को आयुर्वेद के पुनर्जागरण का उत्सव बताया। कहा आयुर्वेद भारत की ओर से विश्व समुदाय को सौगात है। उच्च शिक्षा के लिए बेटियों के संघर्ष को बहुत नजदीक से देखने और महसूस करने वाली राष्ट्रपति मुर्मु, इस दिशा में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रयासों से भी अभिभूत नजर आईं। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में महिला छात्रावास के शिलान्यास को नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमूल्य पहल बताया। विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए बिना थके चलते रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अथक व निद्राजीत बनने को प्रेरित किया। कहा, पूर्वांचल जब स्वस्थ व सुरक्षित होगा तो पूरा उत्तर प्रदेश और तेजी के साथ समग्र प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश जब विकास पथ पर चलेगा तो पूरा भारत प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित करेगा

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दो दिवसीय प्रवास पर सोमवार को गोरखपुर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार दोपहर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में भटहट के पिंपरी स्थित प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण किया।

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अपने संबोधन में गोरखपुर को तपस्या, साधना और अध्यात्म की घरती बताकर इसे प्रणाम करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य के बाद गुरु गोरखनाथ जैसा प्रभावशाली और महिमापूर्ण महापुरुष भारतवर्ष में दूसरा नहीं हुआ। राष्ट्रपति ने महाकवि तुलसीदास की पंक्ति गोरख जगायो जोग का उद्धरण देते हुए बताया कि गोस्वामीजी ने भी इस बात को कहा था कि गुरु गोरखनाथ ने योग को फिर से जगाया है। यह परमहंस योगानंद की जन्मभूमि है। यहां के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है, क्योंकि वह उस घरा से जुड़े हैं, जिसने मानव कल्याण और मानवता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्रपति ने अधिकाधिक परिश्रम में योग की भूमिका और महत्व को उदाहरण के साथ संस्मरण सुनाकर रेखांकित किया। बताया कि जब वह जनसेवा के क्षेत्र में आईं तो उनसे अथक बनने को कहा गया। मतलब थकना मना है। दिन-रात चलना है। निद्राजीत बनना है। नींद पर विजय पाना है। मैंने कहा कि डाक्टर तो छह से आठ घंटे सोने के लिए बोलते हैं। ऐसा न करने पर शरीर साथ नहीं देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को सशक्त बनाने में योग महत्वपूर्ण है। योग के माध्यम से आठ घंटे की नींद तीन घंटे में पूरी की जा सकती है। यानी अथक और निद्राजीत बनने में योग सहायक है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधि अथक परिश्रम कर निद्राजीत बनते हैं। जनता को सुविधाएं मिलें इसके लिए दिन-रात चलते हैं। इसलिए संस्थाओं के अधिकारी, डाक्टर, नर्स को भी निद्राजीत बनना होगा।

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शाम साढ़े चार बजे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में पंचकर्म केंद्र, आडिटोरियम, एकेडमिक ब्लाक के लोकार्पण और महिला छात्रावास के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचीं राष्ट्रपति महिला छात्रावास के शिलान्यास से सर्वाधिक प्रसन्न नजर आईं। महामहिम ने अपने पुराने दिनों को याद किया। कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों के लिए अवरोध को मैंने देखा व महसूस किया है। वर्ष 1970-71 के आसपास आठवीं की पढ़ाई करने के बाद, आगे की शिक्षा के लिए मुझे अपने
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गांव से करीब 300 किलोमीटर दूर भुवनेश्वर जाना पड़ा। 55 वर्ष पहले यह दूरी बहुत थी, क्योंकि आवागमन के साधन सीमित थे। मुझसे पहले कोई बालिका गांव से बाहर पढ़ने नहीं गई थी। हमारी बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में बहुत बेहतर काम कर रही हैं। लेकिन आज भी अनेक बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बेटियों के लिए सुरक्षित आवास न होना उनकी उच्च शिक्षा में अवरोध है। ऐसे में विवि द्वारा महिला छात्रावास बनाने का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण है।

विश्वविद्यालय की विकास यात्रा प्रभावशाली:- राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया था। यह जानकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि केवल चार वर्ष में इस विश्वविद्यालय ने अपनी विकास यात्रा में प्रभावशाली उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रपति ने इसकी विकास यात्रा में मुख्यमंत्री तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ के महत्वपूर्ण योगदान तथा उनके अमूल्य दिशा निर्देशन एवं संबल के लिए सभी को बधाई दी।

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