भारत की लगाम न्यूज़ बरेली :- बरेली में शिवसेना ने गुरुवार को निजी स्कूलों की मनमानी फीस और महंगी किताबों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय पर इकट्ठा होकर शिक्षा को ‘कारोबार’ बनाने का आरोप लगाया।
शिवसेना के जिला प्रमुख दीपक पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा अब सेवा नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बन गई है।
दीपक पाठक ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल हर साल छात्रों से दोबारा एडमिशन फीस वसूलते हैं, जो अनुचित है। उन्होंने यह भी बताया कि अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उनका खर्च काफी बढ़ जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के कमजोर स्तर के कारण अभिभावक निजी स्कूलों का रुख करते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन मनमानी फीस वसूलते हैं और किसी भी तरह की जवाबदेही से बचते हैं।
शिवसेना ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि एडमिशन फीस पर तुरंत रोक लगाई जाए, किताबें और ड्रेस कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए, और निजी स्कूलों की फीस पर सख्त नियंत्रण लागू किया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।






