भारत की लगाम न्यूज़ लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि ग्रीष्मकालीन मांग को देखते हुए सभी तापीय बिजली इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित रखा जाए और उत्पादन से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय तथा 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 3,143 करोड़ रुपये का संचयी लाभ अर्जित किया गया है। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल से शुरू होगी, जबकि 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं मेजा, ओबरा-डी और अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो 126% वृद्धि है। इसी अवधि में विद्युत भार 80% और ऊर्जा बिक्री 63% बढ़ी है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट और कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। स्मार्ट मीटरिंग में 84 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं और फीडर मीटरिंग 95% तक पहुंच गई है। ट्रांसफॉर्मर क्षति में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने 500 मेगावाट सौर और 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। पीएम सूर्य घर योजना के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, कुसुम योजना, ईवी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दिया गया। सीएम ने बिजली विजिलेंस की कार्रवाई में संवेदनशीलता की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई न हो जिससे आम आदमी को परेशानी हो। ब्यूरो






