इटावा। दांदरपुर में कथावाचकों से की गई मारपीट और अभद्रता के बाद गांव के बाहर बवाल करने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। डीआईजी हरीशचंद्र ने शनिवार को एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि हाईवे जाम और तोड़फोड़ करने वाले सभी आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की जाएं। इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाने की भी तैयारी है। डीआईजी ने एसएसपी को जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है।
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21 जून को दांदरपुर गांव में कथा वाचन के लिए आए कथावाचक मुकट मणि और संत सिंह के साथ ग्रामीणों ने जाति छिपाने का आरोप लगाकर मारपीट की थी। इस दौरान एक कथावाचक का सिर गंजा कर दिया गया था, जबकि दूसरे की चोटी काट दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। अगले दिन कथावाचकों पर भी धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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26 जून को सोशल मीडिया पर इंडियन रिफामर्रस ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील के बाद बड़ी संख्या में युवक बकेवर कस्बे में इकट्ठा हो गए थे। युवकों ने पहले थाने के बाहर प्रदर्शन किया, फिर हाईवे पर जाम लगाया था। पुलिस के समझाने के बावजूद युवक गांव जाने की जिद पर अड़े रहे। जब पुलिस ने रोका तो युवकों ने निवाड़ीकलां-लुधियानी मार्ग पर पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस की एक कार का शीशा टूट गया।
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हालात बिगड़ते देख पुलिस को दो राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। पुलिस ने इस मामले में गगन यादव सहित 20 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें से 19 को बवाल वाले दिन ही गिरफ्तार किया था।
आरोपियों में एक स्कूल का प्रधानाचार्य और कुछ शिक्षक भी शामिल हैं। सभी पर कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में डीआईजी ने साफ कहा है कि सभी आरोपियों की संपत्तियों को जल्द कुर्क किया जाए।







