डॉ भीमराव अंबेडकर का जयंती धूमधाम से मनाया गया
राजकुमार आर्य
खजनी गोरखपुर
खजनी तहसील सभागार में भारत रत्न बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर की 133वीं जयंती धूमधाम एवं हर्षाेल्लास से मनाई गई। उप जिलाधिकारी सभागार में भी डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थीं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए। उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढ़ेगा। उनका विचार था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने।
इसी क्रम में खजनी ब्लाक एवं कर्मचारी द्वारा बाबा साहब के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए। सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ. आंबेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए।

बाबा साहब के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि बाबा साहब के बताए गए रास्तों पर चल कर देश को आगे बढ़ाना है। इस अवसर पर सतुआभार प्रधान द्वारा डाक्टर भीमराव अम्बेडकर जी का जुलुस निकाला गया जो सतुआभार कटघर खजनी पलहीपार जाकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्रीय ग्रामीण अन्य लोग मौजूद रहे।





