अतिक्रमण के आगे नगर निगम हुआ लाचार
गोरखपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सड़क व चौराहों के सौन्दर्यकरण से पहले फुटपाथ के अतिक्रमण को हटा लिया जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ साफ-सुथरा बनाया जा सकता है। बशर्ते जिम्मेदार अफसर और जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी भूमिका का सही निर्वहन करते हुए फुटपाथ पर जमे अतिक्रमण को हटाने में सहयोग करें।
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महानगर गोरखपुर के सिंघड़िया सब्जी मार्केट के बाहर फल वाले,फास्ट फूड के ठेले-खोमचे वालों पर किसी का नियंत्रण नहीं है। जब जहां चाहा, वहां तख्ता-टेबल, ठेला खड़ी कर धंधा शुरू हो गया। शहर के महादेव झारखंडी चौराहा, इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहे के हालात बीते कुछ माह में बदत्तर हो रहे हैं। मगर जिम्मेदार नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को इन सबसे सरोकार नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक परिश्रम से गोरखपुर शहर को स्मार्टसिटी बनाने के लिए बीते कुछ वर्ष में चहुंओर निर्माण, साफ-सफाई और सौन्दर्यीकरण के काम किए जा रहे है लेकिन निर्माण कार्य की आड़ में शहर की सड़कों के फुटपाथ पर तेजी से अतिक्रमण की बाढ़ आई हुई है।
जहां देखो ठेले, खोमचे और रेड़ी लगाकर कामकाज शुरू कर दिया जाता है। उसके लिए ना तो निगम से अनुमति की जरूरत है ना ही यातायात पुलिस की एनओसी। बस ठेला खड़ा किया और फल बिक्री व फास्ट फूड कॉर्नर का काम शुरू हो जाता है। शहर के मुख्य मार्ग और चौराहों पर लगे ठेले-खोमचों से अंधे मोड़ बन चुके हैं। जिनसे हमेशा दुर्घटना का भी अंदेशा बना रहता है। प्ररकशन को चाहिए की ठेला और फुटपॉथ व्यापारीयो के लिए , जगह जगह एक निश्चित स्थान सुनिश्चित करने…?
उपरोक्त मामले में कार्यवाही हेतु अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह से फोन से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
आप निचे घंटी पर क्लिक कीजिए और allow कर के नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए…?
नवनीत सिंह की रिपोर्ट:-





