काली मंदिर घोटाले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, मिला आश्वासन

पीपीगंज। पीपीगंज कस्बे में स्तिथ प्राचीन काली मंदिर पर हुए चहारदीवारी व गेट के निर्माण कार्य वाले मामले में रविवार के दिन सैकड़ो की तादात में व्यापारी व उनका प्रतिनिधित्व कर रहे विपिन सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मंदिर के घोटाले समेत अन्य अनेकों भ्रष्टाचार के बारे में अवगत कराया।जिस पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार 3 माह पूर्व कस्बे में स्तिथ प्राचीन काली मंदिर के परिसर में चहारदीवारी व गेट के निर्माण के लिए नगर पंचायत ने 14 लाख रुपए का निविदा कर उसका वर्क ऑर्डर अपने ही एक रिश्तेदार के फर्म शिव शक्ति एसोसिएट को दिया।आरोप है कि इसी फर्म को नगर पंचायत ने 8 लाख रुपए फर्जी भुगतान भी कर दिया।
जिसकी जांच शासन के आदेश पर जिलाधिकारी ने दो प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित कर मामले की जांच करवाया था । बता दे कि इसी क्रम में बिपिन सिंह ने मुख्यमंत्री को दिए अपने ज्ञापन में बताया कि नगर अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा शासन द्वारा दिए गए गनर का धौस दिखाकर आय दिन किसी न किसी व्यक्ति को प्रताड़ित कर उन पर फर्जी केस दर्ज देते है।साथ में नगर अध्यक्ष ने अपने एक रिश्तेदार के फर्म के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जी भुगतान करवा लिया है व नगर अध्यक्ष ने अपने शक्तियों का दुर्पयोग करते हुए नगर की बेशकीमती जमीन भूमाफियाओं को बेच दी है या तो उसका सौदा कर दिया है।साथ में अन्य अनेकों गंभीर आरोप लागए है।
यह भी पढ़े Gorakhpur: D.M के निर्देश पर मंदिर कार्य की हुई जांच, पीपीगंज नगर पंचायत और समाजसेवी विनोद गुप्ता आमने-सामने
इस दौरान पूर्व नगर अध्यक्ष गंगा प्रसाद जायसवाल,सभासद एडवोकेट रामानंद दाढ़ी वाले,राजन सिंह व अन्य लोग मौजूद रहे।
आप निचे घंटी पर क्लिक कीजिए और allow कर के नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए ना…?
दिनेश चन्द्र मिश्र की रिपोर्ट :-






