लोकसभा चुनाव 2024 की हार का वास्तविक कौन है जिम्मेदार ? पढ़िए.. सूर्यांश अविरल की अयोध्या से विशेष रिपोर्ट:-

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

लोकसभा चुनाव 2024 की हार का वास्तविक कौन है जिम्मेदार ? पढ़िए.. सूर्यांश अविरल की अयोध्या से विशेष रिपोर्ट:-

लोकसभा चुनाव 2024 में अयोध्या उत्तरप्रदेश की हार आखिर किसकी है ? योगी की हार या मोदी या बीजेपी की हार या हिंदुत्व की हार या राष्ट्रवाद की हार या सम्पूर्ण भारत की हार है आइए समझते है ये हार किसकी है क्यों हुईं कितनी हुई कैसे हुई कब हुई किसके द्वारा हुई जब आप भारत से बाहर जाते है और अपने देश और देश की शासन सत्ता और शासक पर गर्व हो इस कारण की आप भारत के नागरिक है आपको भरपूर सम्मान मिले तो निश्चित ही लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम में भारत की हार नही राष्ट्रवाद की हार कही जाएगी राष्ट्रवादी शक्तियों की हार कही जाएगी,

भारत की हार यह नही होगी, शासक,शासन, सत्ता की हार कही जायेगी क्योंकि क्रिया कलाप नीतियों से शायद जनता सन्तुष्ट नही थी, पीएम नरेन्द्र मोदी की हार तब कही जाती जब भारत के सम्पूर्ण राज्य से अयोध्या उत्तरप्रदेश जैसे परिणाम मिले होते इस कारण ये हार पीएम नरेन्द्र मोदी की हार नही है अब बात करते है भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की जिसका किसी भी राजनितिक पार्टी या किसी पार्टी के सुप्रीमों को भारत की संसद में बहुमत के लिए सबसे अधिक सांसद देने की भूमिका निभाता हैआखिर क्यों ?

देश में सबसे होनहार बहुचर्चित सीएम यूपी योगी आदित्यनाथ को लोकसभा चुनाव 2024 में औंधे बल मुंह की खानी पड़ी अयोध्या उत्तरप्रदेश हार की हार का ठीकरा हर हाल में योगी आदित्य नाथ के विरोधी और समर्थक दोनो का फोड़ना जायज है जो उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर जीत के लिए निश्चित ही निश्चिंत थे अब बात करते है की आखिर क्यों योगी आदित्यनाथ के समर्थक और विरोधी दोनो लोकसभा चुनाव 2024 में अयोध्या उत्तरप्रदेश की हार की हार की भरी भरकम माला योगी के गले में डालने पर मजबूर है चाहे वो योगी आदित्यनाथ के कट्टर समर्थक हो या कट्टर विरोधी चाहे वो भाजपा पार्टी के अन्दर के हो या सपा कांग्रेस बसपा पार्टी से हो,

सभी का इसके पीछे मकसद है सपा ,कॉन्ग्रेस, बीएसपी जैसी पार्टी के नेताओ द्वारा योगी आदित्यनाथ को इस हार की हार की माला पहनाने से जहां सशक्त प्रतिद्वंदी से अग्रिम युद्ध( चुनावो) से छुटकारा मिलने पर सत्ता सुख विजय प्राप्ति होने पर मिल सकती है वही योगी आदित्यनाथ के भाजपा पार्टी विरोधी नेताओं द्वारा योगी के गले में 2024 की हार का हार डालने पर यदि योगी आदित्यनाथ को यूपी के सीएम पद से हटाया जाता है तो इन्हे भी या तो सत्ता सुख, रुतबा,या उत्तर प्रदेश की जनता की गाढ़े खून पसीने की कमाई जमकर लूटने का मौका मिलेगा धनपशु बनने का जिसे शायद योगी आदित्यनाथ के यूपी सीएम रहते संभव नही दिखाई देता

अब बात करते हैं… उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की की आखिर उन्हे लोकसभा चुनाव 2024 में मुंह की क्यों खानी पड़ी जब अयोध्या उत्तरप्रदेश में विकास की गंगा बहा दी थीं निश्चित ही योगी आदित्यनाथ की सत्यनिष्ठा, कर्तव्य परायणता से उत्तर प्रदेश की जनता का उत्तर प्रदेश का कायाकल्प करना था नई नई योजनाऐं लागु की गई लेकिन यथार्थ के धरातल पर कागज की बनी नाव का पानी का सामना होते ही गल जाना है होगा वही हाल योगी आदित्यनाथ की योजनाओं का सरकारी तंत्र में बैठे अधिकारियों, सरकारी विभागों में मस्त मुफ़्त की बैठे मलाई खा रहें बाबुओं का है इसकी सरकारी कुर्सी कराहती रह गई बाबू जी कुछ हम पर रहम करो कुछ काम कर लो , फाइल मेज पर सोती रही लेकिन इन बाबुओ को कभी समय नहीं मिला की सोती धूल फांकती इन फाइलों को रुकसत किया जाए उन्हीं फाइलों का नसीब जगा जागने का जिनपर अंडरटेबल कार्यवाही ( लेनदेन) हुई

बुलडोजर जैसा यंत्र निश्चित ही सदुपयोगी है लेकिन बाकी कार्यों से निष्क्रियता बहुत घातक साबित हुईं माना की ये खेल सरकारी अधिकारियों और सरकारी बाबुओं का रहा लेकिन योगी आदित्यनाथ को इस खेल की भनक न लगना ही विपक्ष की हनक और योगी आदित्यनाथ के फेल होने बड़ा कारण था इसमें कोई एक विभाग दोषी नही अपितु सभी विभागों ने महती भूमिका निभाई, क्रमश

1…. ग्राम पंचायती राजव्यवस्था द्वारा ग्राम पंचायत में पांच वर्षो में एक व्यक्ति (ग्रामप्रधान)करोड़पति बनाने की लुटेरु योजना में सरेआम लूट जारी रहना और इस लूट में सहयोग करने के बीडीओ, सीक्रेटरी, लेखपाल जैसे सरकारी अधिकारीयों का सहयोग के लिए तत्पर रहना किसी भी स्तर पर शिकायतो का निवारण नही मिल पाना|

2…. विद्युत कर्मचारियों द्वारा मानकों के प्रतिकूल आम जनता, किसानों से जबरन वसूली किए जाना विपक्षी दलों द्वारा ऐसे अधिकारियों को और प्रोत्साहन देकर योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ अराजक सरकार, लूटेरू सरकार की हवा फैलाई गई हैरतकी बात सत्तासीन सरकार और उसके मुखिया को भनक तक नहीं लगी जनता में आक्रोश असंतोष व्याप्त हो गया|

3…. सीएम योगी हेल्प लाइन 1076 का निष्क्रिय होना , योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी की जनता से 1076 पर सभी समस्याओं का निस्तारण का वादा किया था जबकि व्यवहार में यह help line कागज का घोड़ा बनकर रह गई जांच पड़ताल की प्रक्रिया बहुत ही कठिन है जांच करने वाले अधिकारी नोटों के बंडल से मैनेज होते रहें जनता में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ असन्तोष फैलता गया|

4…. सीएम योगी को उत्तर प्रदेश के अधिकारीयों द्वारा सटीक फीडबैक न मिलना , सीएम योगी को गलत फीड बैक देना

योगी आदित्यनाथ सरकार के सहयोगियों द्वारा योगी के प्रति साजिश भी एक बड़ी वजह रही क्योंकि योगी सरकार की शक्त सरकार लुटेरू नेताओं को पसंद नहीं आया ऐसे नेताओं को न योगी ने लुटने दिया न सत्तासुख भोगने दिया ऐसे नेता योगी के खिलाफ अन्दर खानेबिगुल बजा दिया इन नेताओं ने संगठन के साथ हाईकमान को गलत फीड बैक दिया जिससे योगी आदित्यनाथ को लोकसभा चुनाव में अधिक नुकसान हुआ

5… अकर्मठ, चोर, अयोग्य उम्मीदवारो को प्रत्याशी बनाया जाना ऐसी उम्मीदवारों को ऐसे उम्मीदवारों को लोकसभा चुनाव 2024 उत्तर प्रदेश के लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाएगी ना बहुत ही गलत फैसला साबित हुआ जिन प्रत्याशियों से जनता और संतुष्ट थी ऐसे प्रत्याशियों को दोबारा लोकसभा चुनावी मैदान में उतर गया यह पार्टी का बहुत बड़ा गलत फैसला था जिसके कारण अयोग्य प्रत्याशियों को राष्ट्रवादी जेनुइन वोट ही मिले बाकी कोर वोटर दूसरे प्रत्याशियों को वोट दिए|

6…. भाजपा की केंद्रीय इकाई और चुनावी एजेंडा व जनता में महंगाई रोजगारी के प्रति असंतोष: बीजेपी जनता की मूलभूत आवश्यकता के लिए रोजगार के मुद्दे पर आक्रोशित थी जिस पर विपक्ष में और रंग रोगन लगाए यातायात विभाग को सुधारण करने के लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पूरे देश में और रोड का संजाल बढ़ा दिया लेकिन जनता के सामने जीवन यापन के लिए महाकाल से निजात पाने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आया एक ही विपक्ष द्वारा मार्ग बताया गया “मोदी सरकार हटाओ” जिसे भोली भाली जनता ने कुछ हद तक आत्मसात किया भारतीय जनता पार्टी की 2019 लोकसभा चुनाव में 303 सीट ए अकेले दम पर लोकसभा में बहुमत से अधिक थी

विपक्ष का लोक लुभावना झूठ का पुलिंदा एजेंडा: योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ विपक्षी परियों का लोक लुभाने झूठ का पुलिंदा एजेंडा योगी आदित्यनाथ सरकार की गले की फांसी बना जिसकी लालच में उत्तर प्रदेश की जनता मक्खियों की तरह से गिर पड़ी और परिणाम आने के बाद साबित हुआ कि सब झूठ था विपक्ष द्वारा एजेंट में डाला गया था कि महिलाओं को₹100000 नकद दिया जाएगा बिजली फ्री रोजगार अधिक से अधिक जैसे लोक लुभावने झूठ के पुलिनेदे एजेंट के कारण भाजपा से आम जनता मतदान के दिन दूरी बनाए रखी |

यह  भी पढे…..महाभारत का विदेश यात्रा:- अनेको प्राचीन विदेशी विद्वानो ने अपने-अपने देशो मे अलग-अलग नामो से महाभारत का भाष्य किया, यहा पढे..कई विद्वानो व देशो के नाम

7…. अयोध्या में आम जनता के घरों मकानों दुकानों को धराशाई उचित मुहावरे आज ना देना अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार करना अयोध्या वासियों के लिए योगी सरकार के प्रति असंतोष पैदा करना स्वाभाविक है|

8…. रसोई गैस की पड़ती कीमतों की बढ़ती कीमत भाजपा के गले के लिए फांस बनी विपक्ष ने रसोई गैस का मुद्दा जनता में बड़ी ही शांति और गंभीरता से उठाया जिसके कारण जनता में भाजपा के प्रति योगी सरकार के प्रति आक्रोश असंतोष से व्याप्त हो गई|

9….. मोदी के नाम पर अकर्मठ प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार भी लोकसभा क्षेत्र में ना करना क्योंकि उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में जनता के लिए कोई काम तो किया नहीं था इसलिए कौन सा मुंह लेकर के जनता के पास जाएं इसके लिए मोदी के भरोसे बैठकर के अकर्मठ प्रत्याशियों द्वारा चुनाव जीतना हार का कारण बना|

एक तरह से कहें कि की योगी सरकार के प्रति लोकसभा चुनाव 2024 में जो परिणाम आए हैं उत्तर प्रदेश लोक विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कारगर अल्टीमेटम साबित होंगे अगर योगी सरकार सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली में मूल चूल परिवर्तन करती है तो एक तरफ योगी सरकार विधानसभा चुनाव 2027 का चुनाव व आगामी लोकसभा चुनाव 2029 का महासंग्राम भी जीत सकती है फिलहाल उसे योगी सरकार द्वारा पूर्व में किए गए सभी कार्यों की सही समालोचना के साथ ही सतर्कता से कदम बढ़ाने की आवश्यकता है ,

सरकारी अधिकारियों कर्मचारी और बाबू की नाक में नकल नहीं लगाई गई तो दो वर्षों के पश्चात आगामी उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 की परिणाम मेरा सजना रखेंगे जिसमें कोई संदेह नहीं किया जा सकता अगर योगी सरकार अपने क्रियाकलाप नहीं बदलता है तो परिणाम की परिदृश्य बहुत ही भयावह होंगे।

विश्लेषक: सूर्यांश शुक्ल “अविरल”

एडिटर भारत की लगाम

आप निचे घंटी पर क्लिक कीजिए और allow कर के नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए ना…?

Leave a Comment