कौशांबी : दुष्कर्म के मुकदमे में एक युवक जेल चला गया। उसका पिता बेटे को निर्दोष बता न्याय की गुहार लगाता रहा। थक हार कर उसने सैनी कोतवाली में ही पुलिस वालों के सामने जहर खाकर जान दे दी। मामले ने तूल पकड़ा और एसआइटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) ने जांच शुरू की तो सोमवार को नया मोड़ आ गया। पूरा षड्यंत्र चुनावी रंजिश को लेकर था, जिसे ग्राम प्रधान नै रचा। एसआइटी के समक्ष दिए बयान में पीड़िता ने खुद के साथ कुछ भी गलत नहीं होना बताया। कहा कि वह मां के बहकावे में आ गई थी। जेल में बंद युवक को जांच में क्लीन चिट मिल गई। 11 दिन जेल में रहने के बाद वह जमानत पर रिहा किया
पीड़िता ने स्वीकारा – मां के बहकावे में दिया झूठा बयान एसआइटी जांच में क्लीन चिट मिलने पर निर्दोष रिहा
गया। अब मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
सैनी क्षेत्र के लोहंदा गांव के प्रधान भूप नारायण पाल और रामबाबू तिवारी के बीच चुनावी रंजिश थी। ग्राम प्रधान ने पुलिस से सांठगांठ कर रामबाबू के बेटे सिद्धार्थ के खिलाफ गांव की एक युवती से दुष्कर्म की तहरीर दिलवाई। 28 मई को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया व 29 मई को आरोपित सिद्धार्थ को जेल भेज दिया।





