त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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गंगा मां और मेरी मां… त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

आज प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में माता जी को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।


वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है। माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है।

इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं अपितु सजीव तीर्थ हैं जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।
पतितपावनी माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती के परमपवित्र दिव्य त्रिवेणी संगम में महाकुंभ-2025 के अलौकिक एवं पुण्यदायी कालखंड में सपरिवार स्नान का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।

इस अविस्मरणीय क्षण में पवित्र जलराशि से अभिसिक्त होकर आध्यात्मिक शुद्धि एवं दिव्यता का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हुआ। तीर्थराज प्रयाग की पुनीत धरा पर ईश्वर से समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।

महाकुंभ शताब्दियों से अपनी अक्षुण्णता बनाए रखते हुए सनातन धर्म की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के माध्यम से कोटि जनों को धर्म व संस्कृति से जोड़ता आ रहा है। यह केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं अपितु राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक है जो मानवता को नैतिक मूल्यों एवं विश्व मंगल की ओर प्रेरित करता है।

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