क्या आप यज्ञ प्रेमी है..? यहा प्रस्तुत है यज्ञ की दो-दो लाईन की 26 वैदिक सुक्त, एक बार पढ़े अवश्य

यज्ञ प्रेमियों के लिए यज्ञ के उत्कृष्ट सूक्तियां प्रस्तुत है । १. यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म ।। ( शतपथ ब्राह्मण ) यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है । २. यज्ञो वै कल्पवृक्षः ।। यज्ञ कामनाओं को पूर्ण करनेवाला है । ३. ईजानाः स्वर्गं यन्ति लोकम् ।। ( अथर्ववेद १८.४.२) यज्ञकर्त्ता स्वर्ग ( सुख ) को … Read more

आध्यात्मिक विषय: त्रैतवाद सिध्दांत, क्या ईश्वर जिव और प्रकृति तीन ही अनादि तत्व है, “ब्रह्मांड मे” पढे क्या-कुछ कहता है वैदिक दर्शन

ईश्वर, जीवात्मा एवं प्रकृति विषयक आर्यसमाज के त्रैतवाद का सिद्धान्त ईश्वर- (१) ईश्वर एक है व उसका मुख्य नाम ‘ओ३म्’ है। अपने विभिन्न गुण-कर्म-स्वभाव के कारण वह अनेक नामों से जाना जाता है। (२) ईश्वर ‘निराकार’ है अर्थात् उसकी कोई मूर्त्ति नहीं है और न बन सकती है। न ही उसका कोई लिङ्ग या निशान … Read more

“ढाई मोर्चे का चक्रव्यूह” पुस्तक का 6 हजार प्री बुकिंग पुरा, क्या-कुछ खासियत है अंकुर आर्य की इस पुस्तक मे, पढने से पहले कही बैंन ना हो जाये

पुरे हिन्दी भाषी क्षेत्रो मे साहित्य के दुनिया मे एक अलग छाप छोड़ने जा रही “ढाई मोर्चे का चक्रव्यूह” पुस्तक जल्द ही राष्टवादीयो के घरो मे पहुचने वाली है, इस पुस्तक मे हिन्दु धर्म और महान देश भारत कैसे ढाई मोर्चो पर लडाई लड रहा है कुछ कट्टर पंथी विचारधारा से, इसी खतरो से बचने … Read more

गुरु ग्रन्थ साहिब में मांस शराब नशे आदि का खन्डन-मन्डन। पढ़े कई शास्त्रो का प्रमाण और सार

“गुरु ग्रन्थ साहिब में मांस शराब नशे आदि का खन्डन।” दसों गुरू और भक्त जन जिनकी वाणी गुरू ग्रन्थ साहब में दर्ज है, मांस शराब आदि के सेवन को महापाप मानते थे। आइये हम सभी जन गुरु की शिक्षाओं पर चलते हुए अपने जीवन में मद्य मांसादि का सेवन कदापि न करने का संकल्प लें … Read more

भारत के कुछ महान राजा, जिनका इतिहास सभी भारतीय को पढना चाहिए,

भारत के कुछ महान राजा जिनका इतिहास सभी  भारतीय को पढना चाहिए, 1. “बप्पा रावल”- अरबो, तुर्को को कई हराया ओर हिन्दू धरम रक्षक की उपाधि धारण की 2. “भीम देव सोलंकी द्वितीय” – मोहम्मद गौरी को 1178 मे हराया और 2 साल तक जेल मे बंधी बनाये रखा 3. “पृथ्वीराज चौहान” – गौरी को … Read more

गुरूकुल शिक्षा पद्धति और मैकॉले शिक्षा पद्धति मे अन्तर, प्रत्येक मात-पिता इसका तुलनात्मक अध्ययन अवश्य करे..?

प्रत्येक माता पिता अपने संतानों हेतु मैकाले पद्धति से संचालित विद्यालय व गुरूकुलम् शिक्षा प्रणाली के विद्यालयों के शिक्षा के परिणामों का तुलनात्मक अध्ययन अवश्य करें। तथाकथित आधुनिक(पाश्चात्य) शिक्षा पद्धति के परिणाम:- १. अत्याधिक धन का व्यय। २. जिसके लिए माता पिता अत्याधिक अर्थ का संचय में समय नष्ट करते हैं। ३. पाश्चात्य दुर्गुणों का … Read more

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती विषेश: पढे इतिहास की वो कड़ी, जब स्वामी दयानंद और महात्मा ज्योतिबा फुले मित्रता के संबंधो में बन्ध गये।

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती विषेश: पढे इतिहास की वो कड़ी, जब स्वामी दयानंद और महात्मा ज्योतिबा फुले मित्रता के संबंधो में बन्ध गये।

स्वामी दयानन्द और महात्मा ज्योतिबा फुले वेदों के अद्वितीय विद्वान और समाज सुधारक महर्षि दयानन्द सरस्वती जुलाई, 1875 में पूना गये थे और वहां आपने 15 व्याख्यान दिये थे जो आज भी लेखबद्ध होकर सुरक्षित हैं। सत्यशोधक समाज के संस्थापक महात्मा ज्योतिबा फुले महर्षि दयानन्द के व्याख्यान सुनने आते थे। दोनों परस्पर प्रेमभाव व मित्रता … Read more

नवरात्रों या नौ इन्द्रियों पर नियंत्रण में उपवास और निराहार रहने का सत्य अर्थ क्या हैं..?, जानने के लिए पढे यह आर्टिकल

नवरात्रों या नौ इन्द्रियों पर नियंत्रण में उपवास और निराहार रहने का सत्य अर्थ क्या हैं..? प्राय: उपवास से सब यही निष्कर्ष निकालते हैं की भोजन ग्रहण न करना अथवा भुखा रहना। मगर क्या उपवास का अर्थ वाकई में निराहार रहना हैं? उपवास का अर्थ :- शतपथ ब्राह्मण १/१/१/७ के अनुसार “उपवास” का अर्थ गृहस्थ … Read more

1अरब 96 करोड़ 8 लाख 53 हजार 125 वां नववर्ष व विक्रमी संवत् 2081 का वैदिक इतिहास तथ्य प्रमाण के साथ एक बार पुनः अवश्य पढे..?

1,96,8,53,125 वां नववर्ष व विक्रमी संवत् 2081 (9 अप्रैल 2024) का वैदिक इतिहास एक बार पुनः अवश्य पढे यह संवत्सर संसार के सभी धार्मिक एवं पवित्र मनुष्यों के लिए उपयोगी है- चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व इस प्रकार हैं। 1:- वैदिक साहित्य के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के प्रथम सूर्योदय तक परमेश्वर … Read more

आध्यात्म : दूसरों के सारथी तो बने, परन्तु स्वार्थी ना बने, परोपकारी तो बने, परंतु शोषक ना बने

यदि आप मे योग्यता है तो भाग्य नही बदल सकते ना सही मार्गदर्शन अवश्य करे पढ़े लिखे बुद्धिमान प्रत्येक व्यक्ति में कुछ न कुछ विशेष प्रतिभा होती है। यदि वह कुछ वर्ष उस क्षेत्र में कार्य भी कर ले, तो उसमें अनुभव भी आ जाता है। “ऐसी स्थिति में वह चाहे तो दूसरों का भाग्य … Read more