आध्यात्म: जैसे “कार” जड़ वस्तु है, इसे ड्राइवर संचालित करता है, वैसे “मन” भी जड़ पदार्थ है, इसे आत्मा संचालित करती है, पढे इस आध्यात्मिक चर्चा को…?

यदि कोई व्यक्ति कार चला रहा हो, और कार उसके नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो आप सोचिए, उसकी क्या स्थिति होगी? “बहुत खराब। वह बुरी तरह से घबरा जाएगा, और दुर्घटना हो जाएगी। जैसी कार की स्थिति है, ऐसी ही स्थिति मन की भी है। जैसे कार एक जड़ पदार्थ है। ऐसे ही मन … Read more

आध्यात्म : दूसरों के सारथी तो बने, परन्तु स्वार्थी ना बने, परोपकारी तो बने, परंतु शोषक ना बने

यदि आप मे योग्यता है तो भाग्य नही बदल सकते ना सही मार्गदर्शन अवश्य करे पढ़े लिखे बुद्धिमान प्रत्येक व्यक्ति में कुछ न कुछ विशेष प्रतिभा होती है। यदि वह कुछ वर्ष उस क्षेत्र में कार्य भी कर ले, तो उसमें अनुभव भी आ जाता है। “ऐसी स्थिति में वह चाहे तो दूसरों का भाग्य … Read more