आध्यात्मिक विषय: त्रैतवाद सिध्दांत, क्या ईश्वर जिव और प्रकृति तीन ही अनादि तत्व है, “ब्रह्मांड मे” पढे क्या-कुछ कहता है वैदिक दर्शन

ईश्वर, जीवात्मा एवं प्रकृति विषयक आर्यसमाज के त्रैतवाद का सिद्धान्त ईश्वर- (१) ईश्वर एक है व उसका मुख्य नाम ‘ओ३म्’ है। अपने विभिन्न गुण-कर्म-स्वभाव के कारण वह अनेक नामों से जाना जाता है। (२) ईश्वर ‘निराकार’ है अर्थात् उसकी कोई मूर्त्ति नहीं है और न बन सकती है। न ही उसका कोई लिङ्ग या निशान … Read more