अलीगढ़ | अलीगढ़ नगर निगम की लापरवाही के चलते शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मामला सिर्फ एक वार्ड का नहीं, बल्कि शहर के ज्यादातर इलाकों का है, जहाँ शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी विकास नगर के वार्ड नंबर 25 में है। यहाँ पंच विहार कॉलोनी की गली नंबर 2 से नीचे उतरते हुए रास्ते और गली के अंदर की दर्जनों लाइटें पिछले 20 दिनों से खराब पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 20 दिन से लगातार नगर निगम के अधिकारियों और फील्ड सुपरवाइजर को फोन किया जा रहा है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं।
यही हाल शहर के अन्य इलाकों का भी है। मल्हा का नगला में आप चले जाइए तो वहाँ भी कई पोलों पर लाइटें महीनों से बंद हैं। जगजीवन नगर में भी स्थिति जस की तस है, आधी से ज्यादा लाइटें शोपीस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि अलीगढ़ में एक-दो जगह नहीं, बल्कि बहुत सी जगहों पर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर ही नहीं पड़ रही।
नगर निगम अलीगढ़ की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का नहीं है कोई टाईम जनता परेशान
अंधेरे के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और छात्राओं को रात में घर लौटने में डर लगता है, बुजुर्गों को ठोकर लगने का खतरा बना रहता है, वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी और छिनैती की घटनाओं का भी डर बढ़ गया है।

स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया है कि क्या नगर निगम के अधिकारियों और फील्ड सुपरवाइजरों की ये जिम्मेदारी नहीं बनती कि वो महीने में कम से कम एक बार अपने-अपने वार्ड का दौरा कर यह देखें कि कितनी लाइटें जल रही हैं और कितनी बंद हैं? बिना ग्राउंड चेकिंग के सिर्फ कागजों में व्यवस्था कैसे सुधरेगी?
लोगों ने नगर आयुक्त और महापौर से मांग की है कि पूरे शहर में स्ट्रीट लाइटों का एक बार विशेष सर्वे कराया जाए, खराब लाइटों को तुरंत बदला जाए और जो लाइटें महीनों से बंद हैं, उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।







