3 जुन हरविलास शारदा जन्म दिवस:- बाल विवाह प्रतिबन्ध अधिनियम, 1929 जिसे शारदा एक्ट भी कहा जाता है।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

हर विलास शारदा – 

जन्म दिवस 3 जून पर शत शत नमन।

बाल विवाह प्रतिबन्ध अधिनियम, 1929 जिसे शारदा एक्ट भी कहा जाता है।

28 सितंबर 1929 को इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल ऑफ इंडिया में पारित हुआ। लड़कियों के विवाह की आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष तय की गई जिसे बाद में लड़कियों के लिए 18 और लड़कों के लिए 21 कर दिया गया। इसके प्रायोजक हरविलास शारदा थे जिनके नाम पर इसे ‘शारदा अधिनियम’ के नाम से जाना जाता है। यह छह महीने बाद 1 अप्रैल 1930 को लागू हुआ और यह केवल हिंदुओं के लिए नहीं बल्कि ब्रिटिश भारत के सभी लोगों पर लागू होता था।

अनेक मुसलमानों ने शारदा बिल के विरोध में लेख लिखे जो राष्ट्रीय अभिलेखागार में उपलब्ध है। मुस्लिम समाज उस समय इस सुधारवादी आंदोलन का मुखर विरोधी था। हमारे पूर्वज अडिग रहे और बिल को पास करवाकर बाल विवाह पर रोक लगवाई गई थी।

1937 यह भारत में मुस्लिम पर्सनल कानून आने के बाद यह कानून मुस्लिमों पर अप्रभावी हो गया। 

हरविलास शारदा जी ने स्वामी दयानंद जी के प्रत्यक्ष दर्शन किए थे और विस्तृत जीवनी भी लिखी थी।

आप रॉयल कॉलेज ऑफ हिस्टोरियंस लंदन के फेलो थे। आपने अजमेर का इतिहास भी लिखा था। परोपकारी सभा के वर्षों तक प्रधान रहे।

हरविलास शारदा जी द्वारा लिखित जीवनी-

विश्वगुरु दयानन्द और उनकी शिक्षाएं।

मूल्य ₹740 (डाक खर्च सहित)

हरविलास शारदा जी द्वारा लिखित जीवनी-विश्वगुरु दयानन्द और उनकी शिक्षाएं।
हरविलास शारदा जी द्वारा लिखित जीवनी-
विश्वगुरु दयानन्द और उनकी शिक्षाएं।

मंगवाने के लिए 7015591564 पर वट्सएप द्वारा सम्पर्क करें।

प्रस्तुत कर्ता:- विवेक आर्य

आप निचे घंटी पर क्लिक कीजिए और allow कर कर के नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए ना…?

Leave a Comment