गर्मी के मौसम में फायदे से भरपूर जुकिनी (तुरई) –
जुकिनी एक ऐसी सब्जी है जो खाने में जितनी स्वादिष्ट है गुणों में भी उतनी ही पौष्टिक है। खासतौर से गर्मी के मौसम में आनेवाली इस सब्जी को अपनी डेली डायट का हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि यह गर्मी के कारण होनेवाले रोगों से तो हमें बचाती ही है साथ ही जवां बनाए रखने में भी मदद करती है।
जुकिनी एक ऐसी सब्जी है जो फाइबर और न्यूट्रिशंस से भरी हुई होती है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में होनेवाली सेहत संबंधी कई समस्याओं से हमें बचाने के लिए इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जुकिनी एक तरह की तोरी ही होती है लेकिन इसका रंग, आकार और बाहरी छिलका कद्दू जैसा होता है। साथ ही जुकिनी आमतौर पर हरे और पीले रंग की होती है।
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इसके हैं कई नाम
जुकिनी को तोरी, तुरई और नेनुआ जैसे नामों से भी जाना जाता है। हालांकि तुरई का अंग्रेजी नाम भी जुकिनी (नबबीपदप) ही है। तुरई कई तरह की होती हैं, जिन्हें आम भाषा में मोटे छिलके की तोरी, पतले छिलके की तोरी और जुकिनी या मोटी तुरई कहते हैं।
जो खीरे की तरह दिखाई देता हो, जरूरी नहीं कि वह खीरा ही हो। यह एक तुरई (जूकीनी) हो सकती है! आमतौर पर पास्ता और पिज्जा में इस्तेमाल होने वाली खीरे जैसी दिखने वाली यह सब्जी आपने देखी होगी। आप सोच रहे होंगे कि यह विदेशी सब्जी कौन सी है भला या शायद आप पहले से ही जानते हैं, कि यह तुरई (जूकीनी) ही है।
तुरई (जूकीनी) को दुनिया भर में समर स्क्वैश या कोरगेट के रूप में भी जाना जाता है। तुरई (जूकीनी) लंबाई में एक मीटर (100 सेमी) तक बढ़ सकती है, लेकिन इसे बहुत कम लंबाई (15-25 सेमी) में ही काट लिया जाता है, जो इसकी संभावित लंबाई से लगभग आधी या उससे भी कम है। इसका वैज्ञानिक नाम कुकुर्बिटा पेपो है और यह स्क्वैश और कद्दू (पम्पकिन) परिवार से आती है।
यह हल्के या गहरे हरे रंग की होती है। तुरई (जूकीनी) की कुछ हाइब्रिड किस्में गहरे पीले या नारंगी रंग की हो सकती हैं, इसे गोल्डन तुरई (जूकीनी) के नाम से भी जाना जाता है।
हालांकि तुरई (जूकीनी) के लिए मई से अगस्त तक का मौसम प्रमुख माना जाता है, लेकिन अब तुरई (जूकीनी) साल भर उपलब्ध रहती है। यह पतली, बेलनाकार सब्जी होती है जो तने की ओर से संकरी होती है। तुरई (जूकीनीध्समर स्क्वैश) पतली, कोमल छिलके और खाने योग्य बीजों वाली समर स्क्वैश की तुलना में विंटर स्क्वैश का बाहरी छिलका मोट पीले रंग का होता है।
तुरई (जूकीनी) फूल आने के 2-7 दिनों के अंदर बढ़ना शुरू कर देती है और इसे जल्दी से काट लिया जाता है क्योंकि इसके बाद, इसका स्वाद कड़वा होने लगता है।
गोल्डन तुरई (जूकीनी) और ग्लोब या गोल तुरई (जूकीनी) तुरई (जूकीनी) की अन्य नई किस्में हैं। तुरई (जूकीनी) को अक्सर मैरो स्क्वैश मान लिया जाता है, जिसे वेजिटेबल मैरो (यह आमतौर पर ब्रिटेन और आयरलैंड में उगायी जाती है) के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, मैरो स्क्वैश सफेद धारियों वाली बड़ी और गोल होती है।
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