भारत की लगाम न्यूज़ खड़िनी:- खड़नी क्षेत्र के गांव ककरहिया के ग्रामीणों ने रविवार को एसडीएम से चारागाहों की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पशु पालक शिवराज ने बताया कि 25-30 सालों में शासन की अनदेखी से क्षेत्र के 80 प्रतिशत से अधिक चारागाहों पर कब्जा कर माफियाओं ने कब्जा कर खेत में मिला लिया। उन स्थानों पर बसाएं गए खेतों में फसलें लहलहा रही है। पशुओं के चरने की जमीन पर कब्जा हो गया तो पशुओं को कहां चराया जाएगा। भूखे पशु अगर खेत में घुस फसल को नुकसान करता है तो उन्हें तीमारदारों के कोप का शिकार होना पड़ता है।
निराश्रित पशु सेवा समिति के संयोजक गोलू शर्मा और गोपाल तोमर ने बताया कि चारागाहों की जमीनों पर निर्माण हो रहे हैं। 90 प्रतिशत विकास कार्य भी जिन जमीनों पर हो रहे है वह जमीन या तो वन विभाग की होती है या फिर चरागाह की।
वर्ष 2023 में प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर कई एकड़ चरागाह की भूमि पर खड़ी फसलों को जुतवाकर खाली करवाया था। उसके बाद चरागाह की जमीन की निगरानी न होने के कारण लोगों ने दोबारा से कब्जा कर लिया।
निराश्रित पशु सेवा समिति के सेवाकार सानू तोमर, अनुराग शर्मा, अरुण सक्सेना, कृष्ण सेंगर, सौरभ शर्मा, अजय शर्मा, रोबिन सिंह आदि ने प्रशासन से पशुओं के चरागाह खाली करवाने की मांग की है।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि चरागाह की जमीनों पर कब्जे की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।






