
गोरखपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिड़ियाघर में हाथी के रेस्क्यू सेंटर का लोकार्पण, बाघ एवं भेड़ियों को बाड़े में छोड़ने के बाद कहा कि जानवरों को प्रेम से रखें तो वह अच्छे से पेश आते हैं। प्रकृति और पशु पक्षुओं के साथ संतुलन बना कर रहना होगा। पिछले 7-8 वर्षों में सरकार ने पर्यावरण के प्रति कार्य किया है। 100 करोड़ पौध लगे हैं। कैंपियरगंज में जटायु केंद्र बना है।

पीलीभीत से पकड़ कर लाया गया एक बाघ
को दर्शकों के लिए छोड़ा गया है। इसका नामकरण कर दर्शकों के लिए छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि अबसे वो केसरी नाम से जाना चाएगा। मजाकिया लहजे में कहा कि रविकिशन उसके बाड़े में जाने को तत्पर थे, लेकिन हमने रोक दिया कि अभी आगे भाषण भी देना है।

गोरखपुर चिड़ियाघर और बहराइच के वन विभाग की टीम ने दो भेड़ियों को रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाया। सोमवार को सीएम योगी ने नर भेड़िए का नाम भैरव और मादा का नाम भैरवी रखा है। इसके अलावा बाघ का नाम केशरी रखा। सीएम योगी चिड़ियाघर में राइनो के पास भी गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही वहां फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी बनेगी। पर्यावरण के दुश्मन से परहेज करना चाहिए। सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करना है। जो जल या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, उनसे दूरी बनानी होगी। हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए और उसका संरक्षण करें। बरसात का पानी बेकार न जाए, इसके लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दें।
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि 2021 में चिड़ियाघर का लोकार्पण हुआ। अभी तक 30 लाख से अधिक लोग यहां आ चुके हैं। प्रकृति और पर्यावरण के लिए जितना काम होगा उतना की हम आगे बढ़ेंगे। भविष्य हमारा उज्ज्वल होगा।








