गोरखपुर के नखास चौक के रहने वाले प्रिंटिंग प्रेस व्यवसाय से जुड़े जावेद सिमनानी का पूरा परिवार बसपा से जुड़ा है. 45 वर्षीय जावेद सिमनानी छात्र जीवन से राजनीति कर रहे हैं. 25 वर्षों से वे बसपा में हैं. नखास चौक पर जावेद का केजीएन (ख्वाजा गरीब नवाज) नाम से प्रिंटिंग प्रेस है. एबीपी लाइव से बातचीत में उन्होंने बताया कि इसके पहले हुए वार्ड नंबर 68 मुफ़्तीपुर से सपा के जियाउल इस्लाम के खिलाफ पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
जावेद सिमनानी बताते हैं कि बसपा में वे राजनीतिक कैरियर बूथ अध्यक्ष के पद से शुरू किए. इसके बाद सेक्टर अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारी, बसपा के मुख्य जोन कोऑर्डिनेटर, जिला उपाध्यक्ष, जिला कोषाध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला सचिव, गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा के प्रभारी के पद पर रह चुके हैं.
उनके पिता 85 वर्षीय नियाज अहमद खान बसपा नेता रहे हैं और सक्रिय राजनीति करते रहे हैं. उनके बड़े भाई शोएब सिमनानी भी बसपा से सक्रिय राजनीति में रहे हैं. उनके परिवार में अम्मी-अब्बू के अलावा वे चार भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं. उनकी पत्नी यास्मीन और तीन बेटियां शबाना, हबीबा और अदीबा के अलावा 5 साल का बेटा हबीदुर्ररहमान का भरा-पूरा परिवार हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी रवि किशन शुक्ला और सपा प्रत्याशी काजल निषाद दोनों बाहरी प्रत्याशी हैं. वे गोरखपुर के बेटे हैं और जनता इस बात को अच्छी तरह से जानती है। गोरखपुर की जनता और उनके बीच में कोई नहीं आ सकता है. जनता उन पर विश्वास करती है और उन्हें गोरखपुर की जनता पर भी पूरा विश्वास है ।





