1- विधवा महिला के मित्र का शव उसी के विस्तर पर मिला
गोरखपुर जिले में शनिवार सुबह एक युवक का शव बिस्तर पर मिला। पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गीडा थाना क्षेत्र के भरवाल गांव निवासी अशोक पाठक की शादी नहीं हुई थी। उसकी दोस्ती पड़ोस में रहने वाली महिला से हो गई थी। कोलकाता में नौकरी करने के दौरान ही महिला के पति का किन्हीं कारणों से मौत हो गई। ऐसे में कुछ दिनों के बाद ही अशोक व महिला साथ रहने लगे। शनिवार की सुबह महिला ने ही पुलिस को फोन करके बताया कि अशोक बिस्तर से उठ नहीं रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की सहयोग से अशोक पाठक को पास के अस्पताल लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
2- गोरखपुर प्रदेश स्तर के पहले माफिया राकेश यादव को 5 साल की सजा
बाहुबली विधायक ओमप्रकाश पासवान हत्याकांड में नाम आने से चर्चा में आए माफिया राकेश यादव के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने 5 साल कारावास और दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अवैध राइफल व कारतूस रखने के जुर्म में माफिया को यह सजा मिली है। फिलहाल गोरखपुर के किसी प्रदेशस्तरीय माफिया की यह पहली सजा है। राकेश के अन्य मुकदमों में भी ट्रायल चल रहा है। माफिया राकेश वर्तमान में मऊ जेल में बंद है।
3- पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट 3 के खिलाफ केस दर्ज
गुलरिहा क्षेत्र के ग्राम जंगल माघी निवासिनी मुन्नी देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मारपीट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 26 मार्च को वह अपने घर पर परिवार के साथ होली मना रही थी। इसी बीच गांव के ही अमरनाथ निषाद, मदन एवं भजन पुरानी रंजिश को लेकर उसके परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज करने लगे। मना करने पर लाठी-डण्डा लेकर उसके घर मे घुसकर उसे व पुत्रों राहुल व आकाश को मारे पीटे। इससे उन्हें काफी चोटें आई हैं। आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
4- इन 4 गांवो के किसानो से सीधे जमीन खरीदेगा GDA गोरखपुर
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) नया गोरखपुर के लिए चिह्नित चार गांवों मानीराम, रहमतनगर, सोनबरसा और बालापार में काश्तकारों से सीधे बातचीत कर भूमि खरीदेगा। बातचीत के लिए अधिकारियों की आठ टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांवों में जाकर बातचीत कर मुआवजा पर भूमि बिक्री करने के लिए काश्तकारों को राजी करेंगी।
जीडीए ने नया गोरखपुर के लिए कुशीनगर और पिपराइच रोड पर 25 गांवों को चिह्नित किया है। इसमें प्रथम चरण में कुशीनगर रोड पर माड़ापार, कोनी, तकिया मेदनीपुर गांव में भूमि खरीदने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। दूसरे चरण में पिपराइच रोड पर मानीराम, रहमतनगर, सोनबरसा और बालापार के करीब 158.377 हेक्टेयर भूमि की खरीद की तैयारी शुरू कर दी है ?
आप पढ रहे है भारत की लगाम न्युज ( BKL NEWS )
5- आक्सीजन के लिए नही परेशान होंगे मरीज, प्लांट सुरू
गोला: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में अब मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सीएचसी, गोला बाजार में ऑक्सीजन प्लांट की शुरूआत हो गई है। कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फंड के जरिए इसका निर्माण हुआ। बीते गुरुवार को सीएचसी गोला को ऑक्सीजन प्लांट हस्तांतरित कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि प्लांट से 300 लीटर प्रति मिनट तथा 24 घंटे में तकरीबन 7000 किलोलीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। उन्होंने बताया कि प्लांट को चलाने के लिए सीएचसी पर ट्रेनिंग भी दी गई है।
6- पति ने पत्नी से बोला स्टैप पर लिखकर दो, मेरी गर्लफ्रेंड से एतराज नही, मामला थाने पहुंचा
गोरखपुर की एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि उसका पति का दिल रिश्तेदार की महिला पर आ गया है और वह उससे शादी करना चाहता है. विरोध पर हत्या की धमकी दे रहा है। जानकारी के मुताबिक, शाहपुर इलाके के जंगल तुलसीराम बिछिया निवासी मनीषा ने गुरुवार को शाहपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति घनश्याम सिंह लुधियाना में एक गैस कंपनी में इंजीनियर है। वहीं ननद के रिश्तेदारी में किसी दूसरी महिला से शादी करना चाहते हैं। जिसके लिए वह अपने पत्नी से लिखित सहमति मांगते हैं। सहमति न देने पर अपने मित्रों के साथ मारपीट कर चुके है। हत्या की धमकी देते हैं।
7- कार की चपेट मे आने से बाइक चालक गम्भीर
पिपराइच क्षेत्र के अतरौलिया के पास शनिवार को कार के चपेट में आने से बाइक चालक गम्भीर रूप से घायल हो गया। भटहट चौकी पुलिस की मदद से आनन-फानन में घायल को सीएचसी पर इलाज के लिए ले गए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गम्भीर देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
8- योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर लग सकता है ग्रहण
कुछ दिन पहले गोरखपुर के रामगढ़ ताल में उतारे गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर ग्रहण लगता हुआ दिखाई दे रहा है. फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को रामगढ़ ताल में उतारने के बाद उसके इंटीरियर का काम पूरा किया जा रहा है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका शुभारंभ होना है. इसके पहले ही इसके प्रोपराइटर/प्रमोटर के पिता ने न्यूजीलैंड से मुख्यमंत्री, कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को ईमेल भेजकर मानकों की अनदेखी और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है । गोरखपुर के बेतियाहाता के रहने वाले होटल व्यवसाय से जुड़े रक्ष ढींगरा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के मुख्य प्रमोटर हैं. उन्होंने इसे तैयार करने में 11 से 12 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इसके इंटीयर का काम पूरा होने के पहले रामगढ़ ताल में उतारा गया है. हालांकि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट एक ही जगह पर पानी में स्थिर रहेगा. लेकिन इसके बावजूद इसमें मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप रक्ष ढींगरा के पिता राजीव ढींगरा ने लगाए हैं. राजीव ढींगरा न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में जून 2023 से बिजनेस करते हैं. वे 2017 में न्यूजीलैंड आए. इसके पहले वे गोरखपुर में रॉयल रेजीडेंसी होटल और दर्पण कलर लैंब का सफल संचालन कर चुके हैं !
9- बिना लाइसेंस दवा बेचने के मामले में जिले में पहली बार बड़ी कार्रवाई
बिना लाइसेंस दवा बेचने के मामले में जिले में पहली बार बड़ी कार्रवाई की गई है. 19 वर्ष तक चले मुकदमे के बाद कोर्ट ने दवा बेचने वाले को चार महीने जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है । जिले में अब तक बिना लाइसेंस दवा बेचने के मामले में किसी को सजा नहीं हुई थी.
तिवारीपुर थाना के न्यू माधोपुर कालोनी में दवाओं के अवैध भंडारण और नकली दवाओं की बिक्री की मोहल्लेवालों ने शिकायत की थी. तत्कालीन सीएमओ के निर्देश पर 17 अक्टूबर, 2005 को औषधि निरीक्षक प्रभात कुमार तिवारी के नेतृत्व में औषधि विभाग, पुलिस की एसओजी और तिवारीपुर थाना पुलिस ने न्यू माधोपुर कालोनी में छापा मारा था. टीम पहले मेसर्स मीडिया फार्मा पर पहुंची. यहां जांच में सब कुछ ठीक मिला. यहां से टीम महराजगंज के बागापार के मूल निवासी दशरथ प्रसाद वर्मा के आवास पर पहुंची. टीम की जांच में दवाओं का भंडारण मिला. लाइसेंस मांगने पर दशरथ प्रसाद वर्मा नहीं दिखा सके. प्रभात कुमार तिवारी के निर्देश पर दवाओं को जब्त कर पांच नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए. अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ओमकार शुक्ला की कोर्ट ने 19 मार्च को सजा सुनाई ?
10- एक तरफा मुकाबले के बिच जमानत भी नही बचा सके तीसरे स्थान के उम्मीदवार
गोरखपुर-बस्ती मंडल में 2019 के लोकसभा चुनाव के ज्यादातर परिणाम एकतरफा रहे थे। जनता जनार्दन के
गोरखपुर-बस्ती मण्डल की सभी 9 सीटों पर तीसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी।
2019 के चुनाव में बांसगांव सीट से तीसरे नम्बर पर रहे पीएसपीएल पार्टी के सुरेन्द्र प्रसाद को महज 0.93 फीसदी ही वोट मिले थे। वहीं कुशीनगर से सांसद रह चुके कांग्रेस के आरपीएन सिंह भी अपनी जमानत नहीं बचा सके थे। उन्हे महज 13.99 फीसदी वोट ही मिले थे। जबकि जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को कुल मतदान का न्यूनतम 16.66 % हासिल करना होता है।
गोरखपुर
रवि किशन शुक्ला भाजपा 60.93
राम भुआल निषाद सपा 35.03
मधुसूदन त्रिपाठी कांग्रेस 1.93
बांसगांव
कमलेश पासवान भाजपा 57.24
सदल प्रसाद बसपा 41.17
सुरेन्द्र प्रसाद पीएसपीएल 0.93
बस्ती
हरिश्चंद्र उर्फ हरीश द्विवेदी : 45.12%
राम प्रसाद चौधरी : 42.21%
राजकिशोर सिंह : 8.32%
सलेमपुर
1-रविन्दर कुशवाहा, (भाजपा) 50.73
2-आरएस कुशवाहा, (बसपा) 38.52
3-राजाराम, (सुभासपा) 3.64
देवरिया
1-डा रमापति राम त्रिपाठी, (भाजपा) 57.11
2-बिनोद जायसवाल, (बसपा) 32.64
3-नियाज अहमद, (कांग्रेस) 5.05
डुमरियागंज
जगदंबिका पाल, भाजपा, 26.10%
आफताब आलम बसपा 20.52 %
चंद्रेश उपाध्याय कांग्रेस 3.21%
कुशीनगर
विजय दुबे भाजपा 57.14
एनपी कुशवाहा एसपी 24.83
आरपीएन सिंह कांग्रेस 13.99
संतकबीरनगर
प्रवीण निषाद भाजपा 44.5
भीष्म शंकर बसपा 41.1
भालचंद्र कांग्रेस 12.22
महराजगंज
पंकज चौधरी बीजेपी 59.71
अखिलेश सपा 31.73
सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस 5.96
क्यों हो जाती है जमानत जब्त :
चुनाव आयोग के मुताबिक, जब कोई उम्मीदवार सीट पर पड़े कुल वोटों का 1/6 यानी 16.66% वोट हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत जब्त कर ली जाती है। मान लीजिए किसी सीट पर 1 लाख वोट पड़े हैं और वहां 5 उम्मीदवारों को 16,666 से कम वोट मिले हैं, तो उन सभी की जमानत जब्त कर ली जाएगी।
किन हालातों में वापस होती है जमानत राशि :
उम्मीदवार को जब 1/6 से ज्यादा वोट हासिल होते हैं तो उसकी जमानत राशि लौटा दी जाती है। जीतने वाले उम्मीदवार को भी उसकी रकम वापस कर दी जाती है, भले ही उसे 1/6 से कम वोट मिले हों। वोटिंग शुरू होने से पहले अगर किसी उम्मीदवार की मौत हो जाती है, तो उसके परिजनों को रकम लौटा दी जाती है।
लोकसभा चुनाव में कितनी है जमानत राशि :
सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को 25 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करानी होती है। वहीं, एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ये रकम 12,500 रुपये होती ।
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