महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, 2938 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया:BJP के बागी नेता गोपाल शेट्‌टी भी का भी नामांकन वापस अब 288 सीटों पर 4140 उम्मीद्वार लड़ेंगे

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

BKL news network Mumbai:
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, 2938 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया:BJP के बागी नेता गोपाल शेट्‌टी भी पीछे हटे; अब 288 सीटों पर 4140 कैंडिडेट लड़ेंगे

BJP के बागी नेता गोपाल शेट्‌टी भी पीछे हटे; अब 288 सीटों पर 4140 कैंडिडेट लड़ेंगे|
गोपाल शेट्टी ने 30 अक्टूबर को निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामाकंन भरा था। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों के साथ रैली भी निकाली थी।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नामांकन वापसी के आखिरी दिन 2,938 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया है। इसके चलते अब 288 विधानसभा सीटों के लिए कुल 4,140 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं। उम्मीदवारों का यह आंकड़ा 2019 विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 3,239 उम्मीदवारों से 28% ज्यादा है।

राज्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक 288 सीटों के लिए 7,078 वैध नामांकन फॉर्म मिले थे। नंदुरबार की शाहदा सीट पर सिर्फ तीन उम्मीदवार हैं, जबकि मुंबई की 36 सीटों पर 420 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। इन सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा, जबकि काउंटिंग 23 नवंबर को होगी।

नाम वापसी के आखिरी दिन महाविकास अघाड़ी और महायुति अपने-अपने बागी उम्मीदवारों को मनाने में जुटी रही। शिवसेना और NCP में टूट के चलते इस बार 6 बड़े दल मैदान में हैं। यही कारण है कि बागी भी ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग हर सीट पर बागी चुनाव लड़ रहे हैं।

इधर, भाजपा के बागी और पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने निर्दलीय चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। सोमवार सुबह बोरीवली सीट उन्होंने नामाकंन वापस ले लिया। अब वे BJP के आधिकारिक प्रत्याशी संजय उपाध्याय के लिए चुनाव प्रचार करेंगे।

दरअसल, BJP ने शेट्‌टी को टिकट नहीं दिया था, जिससे नाराज होकर 29 अक्टूबर को नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नॉमिनेशन भरा था। उन्होंने कहा था कि मैंने यह फैसला टिकट की चाहत में नहीं, बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की चिंता को लेकर लिया है।

6 पार्टियां चुनाव मैदान में, लगभग हर सीट पर बागी शिवसेना और NCP में बगावत के चलते इस बार छह बड़े दल मैदान में हैं। इसी वजह से बागी भी ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग हर सीट पर बागी हैं। हालांकि आखिरी दिन BJP के 10, NCP के 7 बागी नेताओं ने नामांकन वापस ले लिया।

महायुति के बड़े बागी, जो निर्दलीय मैदान में…

बोरिवली- गोपाल शेट्टी दो बार भाजपा से सांसद रह चुके हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था इसलिए विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने संजय उपाध्याय को टिकट दे दिया।

उमरेड- राजू पारवे शिंदे गुट की शिवसेना के नेता हैं। पार्टी ने रामटेक से लोकसभा चुनाव लड़ाया था, लेकिन हार गए। विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा के पास चली गई। भाजपा ने सुधीर पारवे को मैदान में उतारा है।

अंधेरी पूर्व- स्वीकृति शर्मा पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की पत्नी हैं। कुछ दिन पहले ही शिंदे गुट की शिवसेना ज्वाइन की थी। पार्टी ने इस सीट से मुरजी पटेल को उम्मीदवार बनाया तो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं।

चिंचवड- नाना काटे अजित गुट की NCP के नेता हैं। सीट भाजपा के पाले में चली गई। भाजपा ने शंकर जगताप को उतारा है।

मानखुर्द-शिवाजीनगर- नवाब मलिक

इस सीट पर मामला बड़ा दिलचस्प है। नॉमिनेशन भरने की समय सीमा खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही अजित गुट की NCP ने नवाब मलिक को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। मलिक पहले से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, मगर भाजपा विरोध कर रही थी।

भाजपा ने मलिक को दाऊद इब्राहिम का करीबी बताते हुए देशद्रोह सहित कई आरोप लगाए थे। इसी वजह से मलिक को टिकट नहीं मिल पा रहा था। हालांकि, 29 अक्टूबर को नवाब मलिक ने दो पर्चे दाखिल किए।

पर्चा भरने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैंने NCP उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी पर्चा दाखिल किया था। लेकिन पार्टी ने एबी फॉर्म भेजा और हमने दोपहर 2.55 बजे एबी फॉर्म जमा किया। अब मैं NCP का आधिकारिक उम्मीदवार हूं।’

भाजपा अब भी नवाब मलिक की उम्मीदवारी का विरोध कर रही है। समझौते के तहत यह सीट शिंदे गुट को मिली थी। पार्टी ने यहां से सुरेश पाटिल को टिकट दिया है। भाजपा ने भी पाटिल का समर्थन किया है और लगातार मलिक के खिलाफ बयान दे रही है।

काटोल सीट पर भाजपा और अजित की NCP आमने-सामने NCP में टूट से पहले पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख इस सीट से विधायक बने थे। हालांकि, जब पार्टी में टूट हुई तो देशमुख ने शरद पवार का साथ दिया। इस वजह से भाजपा इस सीट पर दावा कर रही थी।

वहीं, अजित अब भी इसे NCP की जीती हुई सीट मान रहे थे। नतीजा दोनों ने उम्मीदवार उतार दिए। भाजपा ने चरण सिंह ठाकुर तो NCP ने नरेश अरसडे को टिकट दिया है।

MVA में उलझन ज्यादा

पंढरपुर: शरद पवार की NCP ने अनिल सावंत को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने भगीरथ भालके को उतारा है। भगीरथ दिवंगत कांग्रेस विधायक भारत भालके के बेटे हैं। भारत भालके के निधन के बाद उपचुनाव में भगीरथ ने NCP से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। अबकी बार टिकट नहीं मिला तो कांग्रेस में आ गए और पार्टी ने अपनी सहयोगी शरद गुट की NCP के खिलाफ ही टिकट दे दिया।

परंडा: उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने रणजीत पाटिल को टिकट दिया है। दूसरी तरफ शरद पवार की NCP ने पूर्व विधायक राहुल मोटे को मैदान में उतारा है।

सोलापूर दक्षिण: कांग्रेस के दिलीप माने यहां से टिकट चाहते थे लेकिन MVA में समझौते के तहत यह सीट उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मिली। पार्टी ने अमर पाटिल को टिकट दिया हैं Bkl news network Mumbai

Leave a Comment