आतंकवाद और व्यापार साथ साथ संभव नही : एस जयशंकर , भारत ने SCO बैठक में पाकिस्तान पर साधा निशाना,

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BKL news network: ‘आतंकवाद के साथ व्यापार संभव नही : एस जयशंकर , भारत ने SCO बैठक में पाकिस्तान पर साधा निशाना,
SCO Summit 2024: इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक के दौरान पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर उस देश की आलोचना की। उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में खटास क्यों आई हैं

‘आतंकवाद से व्यापार नहीं बढ़ेगा’: एस जयशंकर ने SCO बैठक में पाकिस्तान पर साधा निशाना,
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पाकिस्तान में जयशंकर बोले- आतंकवाद के साथ व्यापार नहीं:SCO बैठक में चीन का नाम लिए बिना कहा- बॉर्डर का सम्मान करने की जरूरत
इस्लामाबाद2 दिन पहले

जयशंकर पहले ही साफ कर चुके हैं कि SCO बैठक में पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी।
जयशंकर पहले ही साफ कर चुके हैं कि SCO बैठक में पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते।

जयशंकर ने पाकिस्तान-चीन का नाम लिए बिना कहा कि सभी देशों को एक दूसरे की सीमाओं का सम्मान करने की जरूरत है।

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि यदि SCO के मेंबर देशों के बीच दोस्ती में कमी आई है और पड़ोसी से संबंध बिगड़े हैं तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमारे बीच भरोसे में कमी आई है तो हमें अपने अंदर झांकने और इसकी वजह समझने की जरूरत है।

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने SCO बैठक की शुरुआत करते हुए कहा था कि पाकिस्तान शांति, सुरक्षा और आर्थिक तरक्की चाहता है।

– Dainik Bhaskar
इससे पहले PM शहबाज शरीफ ने मंगलवार रात को SCO नेताओं के लिए डिनर रखा था। यहीं PM शहबाज और जयशंकर की मुलाकात हुई थी। पाकिस्तानी PM ने हैंड शेक किया। पिछले साल गोवा में SCO की एक बैठक में जयशंकर ने पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को नमस्ते किया था और हाथ मिलाने से परहेज किया था।

डिनर के बाद SCO नेताओं के लिए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। इसमें एक पाकिस्तानी कलाकार ने भरतनाट्यम किया। इस दौरान पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ चीन और कजाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के साथ बैठे नजर आए।

पाकिस्तान में हो रहे SCO बैठक से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स
04:59 PM 16 अक्तूबर 2024
पाकिस्तान से रवाना हुए जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर अपने दो दिवसीय पाकिस्तान दौरे को पूरा करके रवाना हो गए हैं। उन्होंने इसकी जानकारी एक्स पर पोस्ट की है।

12:00 PM 16 अक्तूबर 2024
जयशंकर बोले- विकास के लिए आतंकवाद से लड़ना जरूरी
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर में SCO बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि SCO का मकसद पूरा करने के लिए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ना जरूरी है। इसके लिए एक-दूसरे पर भरोसा और ईमानदारी की जरूरत है।

जयशंकर ने कोरोना महामारी के साथ-साथ इजराइल-हमास-हिजबुल्लाह और रूस-यूक्रेन संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि ये बैठक बहुत मुश्किल समय में हो रही है। क्लाइमेट चेंज से लेकर सप्लाई चेन तक कई तरह की कठिनाईयां हैं। इससे विकास प्रभावित हो रहा है।

11:19 AM 16 अक्तूबर 2024
शहबाज शरीफ बोले- पाकिस्तान शांति चाहता है
शहबाज शरीफ ने SCO बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि पाकिस्तान शांति, सुरक्षा और सामाजिक आर्थिक तरक्की चाहता है। अफगानिस्तान हमारे साथ जमीनी सीमा साझा करता है इसलिए वहां शांति हमारे लिए जरूरी है। अफगानी जमीन का इस्तेमाल उसके पड़ोसियों के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए।

शरीफ ने कहा कि एक मजबूत SCO के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है। चीन और पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर का विस्तार होना चाहिए। इस इलाके में कई लोग गरीबी में जी रहे हैं। इससे उनका विकास होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट को नैरो माइंड सोच के साथ नहीं देखना चाहिए।

11:02 AM 16 अक्तूबर 2024
ग्रुप लीडर्स के साथ फोटो सेशन में दिखे जयशंकर
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर SCO की बैठक में शामिल होने से पहले उन्होंने ग्रुप लीडर्स के साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

10:53 AM 16 अक्तूबर 2024
जयशंकर ने पाकिस्तानी पीएम से फिर मिलाया हाथ
विदेश मंत्री जयशंकर SCO बैठक में शामिल होने जिन्ना कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। यहां उन्होंने एक बार फिर से पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से हाथ मिलाया। अब कुछ ही देर में जयशंकर ग्रुप लीडर्स के साथ फोटो सेशन में शामिल होंगे।

09:53 AM 16 अक्तूबर 2024
पाकिस्तान में भारतीय दूतावास में जयशंकर ने पौधारोपण किया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में पौधारोपण किया। यहां उन्होंने अर्जुन का पौधा लगाया।

09:35 AM 16 अक्तूबर 2024
मंगोलिया के PM से मिले एस जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार रात मंगोलिया के प्रधानमंत्री ओयुन-एर्डीन से मुलाकात की। मंगोलिया SCO का मेंबर नहीं है लेकिन वह ऑबजर्विंग स्टेट के तौर पर समिट में शामिल हो रहा है।

SCO बैठक में 8 देशों के राष्ट्राध्यक्ष हो रहे शामिल
SCO की इस बैठक में आठ मेंबर देशों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, भारत के विदेश मंत्री और ईरान के व्यापार मंत्री बैठक में शामिल होंगे। पहले बैठक में ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आसिफ शामिल होने वाले थे लेकिन आखिरी वक्त पर उनका पाकिस्तान आना टल गया

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जयशंकर और चीनी PM की हुई मुलाकात
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक डिनर के दौरान शहबाज और जयशंकर के बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई। डिनर के दौरान जयशंकर और चीनी PM ली कियांग भी मिले और दोनों के बीच कुछ देर बातें हुईं।

इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने SCO बैठक के लिए जयशंकर के आने का एक वीडियो अपलोड किया, जिसके कैप्शन में लिखा था- ‘आगे रोमांचक बातचीत होगी।’ हालांकि, जयशंकर पहले ही किसी द्विपक्षीय बातचीत से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में उनके किसी पाकिस्तानी नेता से बातचीत कई गुंजाइश बहुत कम है।
पाकिस्तान के पूर्व PM बोले- ये अच्छा मौका है
जयशंकर के दौरे को लेकर पाकिस्तान के पूर्व अंतरिम पीएम अनवर-उल-हक काकर ने कहा कि उनकी इस्लामाबाद की यात्रा ऐतिहासिक है। इससे दोनों देशों में बातचीत का एक मौका बन सकता है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद नहीं है।

काकर ने कहा कि दोनों देशों को बिना देर किए बातचीत शुरू करनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान ने बैठक का प्रस्ताव क्यों नहीं रखा, काकर ने कहा कि इससे सरकार को नुकसान हो सकता है। इमरान खान की पार्टी PTI इसका फायदा उठा सकती है।

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8 साल 10 महीने बाद पाकिस्तान दौरा
विदेश मंत्री जयशंकर 8 साल 10 महीने बाद पाकिस्तान जाने वाले भारत के पहले नेता हैं। इसलिए भी ये दौरा खास है। उनसे पहले 25 दिसंबर 2015 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। तब मोदी एक सरप्राइज विजिट पर लाहौर पहुंचे थे।

उन्होंने पाकिस्तान के PM नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। उनके इस दौरे के बाद से भारत के किसी भी प्रधानमंत्री या मंत्री ने पाकिस्तान की यात्रा नहीं की है।

मोदी के दौरे के एक साल बाद ही 2016 में 4 आतंकी उरी में भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर में घुस गए थे। इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे।

तब से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और खराब हो गए। हालांकि, इन सब के बावजूद पिछले साल गोवा में SCO देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत आए थे।

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गोवा में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में बिलावल और जयशंकर ने हाथ तक नहीं मिलाए थे।

SCO को बनाने की जरूरत क्यों पड़ी
1991 में सोवियत यूनियन कई हिस्सों में टूट गया। इसके बाद रूस के पड़ोसी देशों के बीच बाउंड्री तय नहीं होने की वजह से सीमा विवाद शुरू हो गया। ये विवाद जंग का रूप न ले, इसके लिए रूस को एक संगठन बनाने की जरूरत महसूस हुई।

रूस को यह भी डर था कि चीन अपनी सीमा से लगे सोवियत यूनियन के सदस्य रहे छोटे-छोटे देशों की जमीनों पर कब्जा न कर ले। ऐसे में रूस ने 1996 में चीन और पूर्व सोवियत देशों के साथ मिलकर एक संगठन बनाया। इसका ऐलान चीन के शंघाई शहर में हुआ, इसलिए संगठन का नाम- शंघाई फाइव रखा गया। शुरुआत में इस संगठन के 5 सदस्य देशों में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान शामिल थे।

जब इन देशों के बीच सीमा विवाद सुलझ गए तो इसे एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का रूप दिया गया। 2001 में इन पांच देशों के साथ एक और देश उज्बेकिस्तान ने जुड़ने का ऐलान किया, जिसके बाद इसे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी SCO नाम दिया गया।
भारत ने SCO में शामिल होने से इनकार कर दिया था
SCO बनने के बाद भारत को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया था। हालांकि उस समय भारत ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था।

इस बीच चीन ने पाकिस्तान को इस संगठन का सदस्य बनाने की मुहिम शुरू कर दी। इससे रूस को संगठन में चीन के बढ़ते दबदबे का डर लगने लगा। तब जाकर रूस ने भारत को भी इस संगठन में शामिल होने की सलाह दी।

इसके बाद 2017 में भारत इस संगठन का स्थायी सदस्य बना। भारत के इस संगठन में शामिल होने की 5 और वजहें भी हैं…

भारत का ट्रेड SCO के सदस्य देशों के साथ बढ़ता जा रहा था, ऐसे में इस संगठन से संबंध बेहतर करने के लिए।
सेंट्रल एशिया में अगर भारत को पहुंच बढ़ानी है तो शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन अहम है। इसकी वजह ये है कि इस संगठन में सेंट्रल एशिया के सारे देश एक साथ बैठते हैं।
अफगानिस्तान पर अपना पक्ष रखने के लिए भारत के पास कोई दूसरा संगठन नहीं है। अगर भारत को अफगानिस्तान में अपनी भूमिका तय करनी है तो उसे इन सभी देशों के सहयोग की जरूरत है।
आतंकवाद और ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए भारत को SCO के देशों के सहयोग की जरूरत है।
सेंट्रल एशिया के देशों को भी इस संगठन में भारत की जरूरत थी। वो छोटे-छोटे देश नहीं चाहते थे जिससे केवल चीन और रूस ही संगठन में दबदबा बनाए रखें। इसके लिए वो भारत को बैलेंसिंग पावर के तौर पर चाह रहे थे।​​​
09:22 AM 16 अक्तूबर 2024
SCO का मुख्य उद्धेश्य और काम
SCO देशों ने जब सीमा विवाद को सुलझा लिया तो इसका उद्देश्य बदल गया। अब इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों को तीन तरह के ईविल यानी शैतानों से बचाना था…

अलगाववाद
आतंकवाद
धार्मिक कट्टरपंथ
रूस को लगता था कि उसके आसपास के देशों में कट्टरपंथी सोच न बढ़े। अफगानिस्तान, सऊदी अरब और ईरान के करीब होने की वजह से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान में आतंकी संगठन पनपने भी लगे थे, जैसे- IMU यानी इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान में HUT। ऐसे में SCO के जरिए रूस और चीन ने इन तीन तरह के शैतानों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी। इसके अलावा सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और संबंधों को मजबूत करना भी इस संगठन का मुख्य काम है। सदस्य देशों के बीच ये संगठन राजनीति, व्यापार, इकोनॉमी, साइंस, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का काम कर रहा है bkl news network

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