हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम आचुके है और भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत प्राप्त करके सबको आश्चर्यचकित कर दिया है।
हरियाणा में तीन मुस्लिम बहुल क्षेत्र नूंह, फिरोज़पुर झिरका और पुन्हाना हैं और इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस के उम्मीदवार भारी मतों से जीते हैं जबकि बीजेपी ने भी मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिनको बुरी तरह से हराकर मुस्लिम समुदाय ने अपना मंतव्य स्पष्ट कर दिया है कि उनको सिर्फ अपने धार्मिक एजेंडे से मतलब है चाहे कंधा कांग्रेस का या किसी अन्य पार्टी का हो तभी नूंह दंगों के मास्टरमाइंड माने जाने वाले मामन खान को हरियाणा में सर्वाधिक वोटो यानी 98,000 से जिताया है ।
हरियाणा के इन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवार होने के बावजूद भी उनकी करारी हार से पूर्णतः स्पष्ट होता है कि हर मुस्लिम भलीभांति जानता है कि किसे वोट- सपोर्ट करना है तभी इन तीनों क्षेत्रों में अपने जाति व वर्ग के सब मतभेद भुलाकर धार्मिक व राजनीतिक एकजुटता की मिसाल पेश कर रहे हैं।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि मुस्लिम समाज अपने धार्मिक व राजनीतिक एजेंडे पर कितनी दृढ़ता व स्पष्टता से कायम रहता है। तय एजेंडे पर उनकी एकजुटता और अपने हितों की रक्षा के प्रति जो जीवटता दिखाई देती है, वह दूसरों के लिए सीखने योग्य है।
हरियाणा में भले ही भारतीय जनता पार्टी जीत गई हो, लेकिन मेवात में खतरे की घंटी बज गई है। पूरी गोलबंदी हुई है, ध्रुवीकरण हुआ है।
योगी आदित्यनाथ जी ने जो कहा कि बटोगे तो कटोगे , मामन खान ने धमकी भी दी थी सरेआम कि सबकी खबर ली जाएगी बस जीतकर आने दो।बीजेपी ने मुस्लिम उम्मीद्वार को टिकट दिया फिर भी हर गई।







