BKL news network Mumbai: वर्सोवा विधानसभा में कांग्रेस का उत्तर भारतीय दाव, पूर्व मुंबई आयुक्त संजय पांडे के आगाज से किसका बिगड़ेंगा खेल?
Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के ऐलान से पहले राज्य में महायुति और महाविकास आघाडी में तैयारियों का तौर जारी है। कांग्रेस ने मुंबई के पूर्व पुलिस चीफ संजय पांडेय के जरिए बड़ा उत्तर भारतीय दांव खेल दिया है। पांडेय के वर्सोवा से उतरने की संभावना है। ऐसे में मुंबई में सियासत का पारा चढ़ता जा रहा हैं
पूर्व मुंबई पुलिस चीफ संजय पांडेय के जरिए कांग्रेस ने खेला बड़ा खेल जिससे भारती लवेकर को मात मिल सकती है क्योंकि भारती लवेलर से जहां बीजेपी संगठन नाराज है वही उत्तरभारतीय तबका लवेकर पर प्रांतवादी राजनिति करने का आरोप लगाता आ रहा हैं, जिससे अक्रोशित उत्तरभारतीय समुदाय संजय पाण्डेय को अपना हमराह बना सकता है
संजय पांडेय मुंबई की वर्सोवा विधानसभा सीट से लड़ सकते हैं चुनाव
रिटायर होने के बाद अपनी की पार्टी से सक्रिय हो रहे थे संजय पांडेय
कांग्रेस चुनावों में बना सकती है संजय पांडेय को उत्तर भारतीय चेहरा है
Ex Mumbai Police Chief Sanjay Pandey
पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त संजय पांडेय कांग्रेस में शामिल।
मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी संजय पांडेय के कांग्रेस में शामिल होने को बड़े उत्तर भारतीय कार्ड के तौर पर देखा जा रहा है। चर्चा है कि मुंबई पुलिस के चीफ रहे संजय पांडेय वर्सोवा सीट से कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो इस सीट पर पिछले कुछ सालों में पहली बार सत्तारूढ़ महायुति के सबसे बड़े घटक बीजेपी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है, क्योंकि वर्सोवा सीटा पर उत्तर भारतीय वोटरों की संख्या अच्छी खासी है। 2019 के चुनाव में कांग्रेस कैंडिडेट कांग्रेस बलदेव खोसा 35,871 वोट मिले थे तो वहीं निर्दलीय राजुल सुरेश पटेल 32,706 ने वोट हासिल किए थे, जबकि बीजेपी से जीत का दूसरी बार विधायक बनी भारती हेमंत लवेकर को 41,057 वोट मिले थे।
10 साल से बीजेपी का कब्जा
वर्सोवा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी। 2009 में कांग्रेस जीती थी, लेकिन पिछले दो बार से बीजेपी को जीत मिल रही है। कांग्रेस के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि पूर्व आईपीएस संजय पांडेय इस सीट के लिए मजबूत कैंडिडेट होंगे। कुछ समय के लिए मुंबई पुलिस के सर्वेसर्वा रहे संजय पांडेय की छवि एक ईमानदार ऑफिसर की रही है, हालांकि करियर के अंत में उन्हें कुछ मामलों में ईडी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा, इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन पांडेय के राजनीति में प्रवेश लेने से मुंबई की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस को उम्मीद है कि संजय पांडेय को इसका भी लाभ मिल सकता है। मुंबई में विधानसभा की कुल 36 सीटें हैं। वर्सोवा सीट कांग्रेस के खाते में आने की उम्मीद है। सीट शेयरिंग में कांग्रेस के खाते में 10 से 11 सीटें आ सकती हैं। तीन से चार सीटें शरद पवार की एनसीपी और शेष पर शिवसेना यूबीटी के लड़ने की उम्मीद है।
मुंबई रही है कर्मभूमि
संजय पांडेय आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र है। वे 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पांडे को 18 फरवरी 2022 को मुंबई पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया था। पांडेय ने अपनी सेवा के दौरान एक ईमानदार अधिकारी की छवि बनाई थी। करियर के अंत में भले ही पांडेय को जेल जाना पड़ा लेकिन इससे पहले उनका करियर शानदार रहा है। वह1986 में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में पुलिस बल में शामिल हुए थे। इसके बाद 1990 में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर पदोन्नत हुए। उन्हें मुंबई के धारावी में जोन 8 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के रूप में तैनात किया गया था, जब उन्होंने 1992 के बाद के दंगों को संभाला था।मुंबई में 1992-1993 के दंगों में निष्पक्ष काम के लिए उन्हें एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा अवॉर्ड मिला था। बाद में, पांडे को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में तैनात किया गया, जहां उन्होंने मोची घोटाले सहित हाई-प्रोफाइल मामलों को संभाला।
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क्या उत्तर भारतीय चेहरा बनेंगे?
महाराष्ट्र के डीजीपी रहे संजय पांडेय ने कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर कहा कि वह लंबे समय से राजनीति में आने के बारे में सोच रहे थे, क्योंकि क्षेत्र (मुंबई उत्तर-पश्चिम) के कई लोग उनसे चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे। लेकिन इस बार यह तय है कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा। पहले वह निर्दलीय लड़ना चाहते थे अब कांग्रेस में आने के बाद उनकी उम्मीदवार तय मानी जा ही है। चर्चा यह भी है कांग्रेस संजय पांडेय को संजय निरुपम की जगह पर उन्हें बड़ा चेहरा बना सकती है ताकि वह एमवीए का खेल बिगाड़कर अपना खेल बना सके।
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