“द केरल स्टोरी” गंभीर विषय है.. इसे सामान्य ना लें..!
फ़िल्म के कुछ संवाद जैसे..
“हमारे मिशन के लिए लड़कियों को करीब लाओ..? उन्हें खानदान से ज़ुदा करो..? जिस्मानी रिश्ते बनाओ..? हो सके तो प्रेग्नेंट कर दो..? और जल्द से जल्द अगले मिशन के लिए हैंडओवर करो”..!
ऐसे अनेक संवाद है जो आपको हिलाकर रख देंगे..!
लेकिन पूरी फ़िल्म की सच्चाई एक संवाद में छुपी है..? जब एक लड़की दहशत गर्दों से बचकर अपने पिता से माफ़ी मांगते हुए कहती है कि “हमारे इन हालातों के जिम्मेदार आप भी है..जिन्होंने बचपन से हमें पाश्चात्य और अन्य बाहरी संस्कार दिए.. कभी भी हमें अपने धर्म के बारे में नहीं सिखाया”..!!
इसके बावजूद अगर कोई लड़की या माता पिता ना समझे तो ये किस की परेशानी है..!
नोट:- आज ही अपने बच्चों को सौ से भी कम रुपये में मिलने वाला #सत्यार्थप्रकाश ला कर दें। खुद भी पढें और बच्चों को साथ बैठाकर पढायें।
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