कर्नाटक के विजयपुरा से देश भर मे जाता है टाॅप क्वाॅलिटी का किशमिश, फिर भी वहा के किसान गरीब और परेशान क्यो..?

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Bkl news network कर्नाटक के विजयपुरा सबसे अच्छी क्वालिटी की किशमिश

कर्नाटक का विजयपुरा जिला बहुत नामी है, इसका नाम इसलिए है क्योंकि देश की सबसे टॉप क्वालिटी की किशमिश (सूखा अंगूर) यहीं से निकलती है.? यह जिला उत्तरी कर्नाटक में है. इस जिले में उम्दा क्वालिटी की किशमिश होने के बावजूद किसान बहुत मायूस हैं. उनकी पेरशानी की वजह भी है. किसानों की शिकायत है कि उनकी उगाई और बनाई किशमिश की मांग बेहद अधिक है, क्वालिटी भी टॉप क्लास की है. लेकिन जब आमदनी की बात होती है तो किसानों की झोली में बहुत कम दाम आता है, किसान इस कमी के बारे में कहते हैं कि किशमिश के इस पूरे बेल्ट में मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की घोर कमी है जिससे किसान लाभ नहीं उठा पा रहे है..? वह सरकार से इस मुद्दे को सुलझाने की मांग बर्ष से कर रहे है..?

कर्नाटक में एक जिला है विजयपुरा जिसका नाम पहले बीजापुर था. इसका नाम 2014 में बीजापुर से विजयपुरा कर दिया गया. केंद्र में जैसे ही नरेंद्र मोदी की सरकार आई बीजापुर का नाम बदलकर विजयपुरा कर दिया गया. इसी विजयपुरा में देश की सबसे अच्छी किशमिश तैयार की जाती है.?

विजयपुरा जिले में बाबलेश्वर और विजयपुरा शहर सहित आठ विधानसभा क्षेत्र हैं.

क्या कहते हैं अंगूर किसान?

बाबलेश्वर विधानसभा क्षेत्र के तिकोटा गांव के एक अंगूर उत्पादक किसान शम्मुका मठपति PTI से कहते हैं, “इससे पहले, मैंने अपनी छह एकड़ जमीन में 1,000 फीट जितना गहरा 20 बोरवेल खोदने की कोशिश की, लेकिन पानी नहीं मिला. 2013 के बाद पास के कृष्णा बैराज से एक नहर के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू हुई. इससे टैंकों में पानी भरने में मदद मिली और स्टोरेज पॉइंट भी बनाए गए.”

शम्मुका मठपति के मुताबिक, इस सिंचाई व्यवस्था से न केवल टैंक जल आपूर्ति पर प्रति एकड़ कम से कम एक लाख रुपये खर्च बचाने में मदद मिली है बल्कि उत्पादकता में भी सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि इसने अधिक किसानों को इस क्षेत्र में अंगूर की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जिससे अधिक पैदावार बढ़ी. मठपति के बेटे सचिन कहते हैं, लेकिन अब बड़ी सिरदर्दी मार्केटिंग की है. यहां बनाई गई अधिकांश किशमिश बिचौलियों की मदद से पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में बेची जाती है. महाराष्ट्र में कोल्ड स्टोरेज की अच्छी व्यवस्था है, इसलिए वहां के व्यापारी यहां के किशमिश को खरीद लेते हैं.

सचिन ने कहा कि तिकोटा में 1,000 टन क्षमता की केवल एक प्राइवेट स्टोरेज यूनिट है, जो मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है क्योंकि यहां से लगभग 20,000 टन की मार्केटिंग की जाती है. उसी गांव के एक अन्य किसान एस वी कोडनापुर, जिनके पास पांच एकड़ में अंगूर का बाग है, ने कहा कि उत्पादन की लागत बहुत बढ़ गई है. वे कहते हैं, “इसके ऊपर परिवहन, भंडारण और महाराष्ट्र के बाजारों में भुगतान किए जाने वाले कमीशन के लिए हमें शायद ही कोई रिटर्न मिलता है.”महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अंगूर के बाग हुए नष्ट, किसान ने बताई आपबीती

कई मांगों के बाद, कुछ साल पहले विजयपुर शहर में सूखे अंगूरों के लिए एक ऑनलाइन नीलामी मंडी खोली गई थी, लेकिन किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि एक ही जगह पर सूखे अंगूर उगाए जाने के बावजूद रेट में अंतर बहुत बड़ा था. बिचौलिए किसानों से जीएसटी ले रहे हैं, जिसका उन्हें भुगतान करना होता है. इसने किसानों को हतोत्साहित किया और उन्हें महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में बिचौलियों के माध्यम से सूखे अंगूर बेचने के लिए मजबूर किया..?

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निर्यात नहीं हो पाती किशमिश bkl news network 

तिकोटा गांव के पास एकमात्र फूड प्रोसेसिंग यूनिट के बंद होने से निर्यात भी बंद हो गया है, अन्यथा किसानों को बेहतर दर मिलती, सचिन ने कहा, “अगर फूड प्रोसेसिंग यूनिट यहां आती है तो हम निर्यात क्वालिटी वाले सूखे अंगूर की आपूर्ति करने के लिए तैयार हैं.” कर्नाटक के 75,000 टन सूखे अंगूर के कुल उत्पादन में विजयपुरा जिले का योगदान 75 प्रतिशत है.

देश में महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक सूखे अंगूर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. सूखे अंगूरों के लिए राज्य में कुल 25,000-28,000 टन कोल्ड स्टोरेज की सुविधा है.. bkl news network

किसानों को नहीं मिलते अच्छे दाम

टॉप क्वालिटी वाले सूखे अंगूर की दरें 250 रुपये प्रति किलोग्राम हैं, लेकिन यहां के किसानों को केवल 125-150 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है और फसल लागत और मजदूरी की कीमतों में वृद्धि के बीच उत्पादन लागत को कवर नहीं किया गया है. विजयपुरा में एक नीलामी केंद्र काम कर रहा है लेकिन किसानों को जीएसटी का भारी बोझ उठाना पड़ता है जो बिचौलिये उनके असल मूल्य से लेते हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि यहां से थोड़ी मात्रा में निर्यात हो रहा हैं..?  bkl news network

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