बिग बैंग थ्योरी और वैदिक रश्मि थ्योरी में अंतर

वैसे तो चारों वेद ईश्वरीय वाणी है लेकिन वर्तमान की मान्यता के अनुसार ऋग्वेद ही सबसे पुरानी ग्रंथ माना जाता है और देखने को भी मिलती भी है लगभग 5 हजार वर्ष पुरानी पांडुलिपि संग्रहालयो मे है! हर वेद को समझने के लिए एक-एक ब्राह्मण ग्रंथ होते है ? इसी वेदो और ब्राह्मण ग्रन्थो पर वर्षों तक योग साधना और रिसर्च के बाद तर्क और ऊहा का प्रयोग करके आचार्य अग्निव्रत जी ने ब्राह्मण ग्रंथो का वैज्ञानिक भाष्य करके वैदिक रश्मि थ्योरी का सिद्धांत दिया ! और वेद विज्ञान आलोक नामक ग्रंथ की रचना करके पूरे विज्ञान जगत में हलचल मचा दिया
रश्मि शब्द का अर्थ अनेक ग्रंथो में अनेक ऋषियों और विद्वानों ने अलग-अलग अर्थ किया है ! लेकिन सबका मत एक सा ही है सूक्ष्म से भी सूक्ष्म यानी की कंपन, स्पंदन, जैसे आंख से किसी बारिक चीज को देखने के लिए एक लिमिट है ? उससे अधिक सूक्ष्म देखने के लिए माइक्रोस्कोप यंत्र का प्रयोग करते हैं उसी तरह कान से भी सुनने का एक लिमिट है और सूक्ष्म तरंगे कंपन रश्मि को सुनने के लिए एक यन्त्र कि आवश्यकता है ? जो यंत्र वर्तमान के वैज्ञानिकों के पास नहीं है ! वेद और ब्राह्मण ग्रंथ यह कहते हैं ! ब्रह्मांड तब अस्तित्व में आया जब एक सर्वोच्च चेतना (यानी भगवान) ने पदार्थ की इस संतुलन स्थिति को तोड़ दिया और सबसे पहले कंपन पैदा किया, सबसे पहला कंपन या रश्मी, जिसे ओम रश्मी कहा जाता है। यह समय की सक्रिय अवस्था है। इससे अन्य प्रकार के कंपन उत्पन्न हुए। इसी ओम ॐ रश्मि के साथ लाखों रश्मिआ उत्पन्न हुई जो आज भी उसी रुप मे ब्रह्मांड में विद्यमान है ? सिर्फ जरूरत है उन रश्मिओ को सुनने समझने का और सुनने के लिए यंत्र बनाने का या बिना यंत्र बनाए योग विद्या द्वारा समाधि लगाकर उस रश्मिओ का साक्षात्कार करें ?


हम आपको बता दें कि वैदिक रश्मि थ्योरी के आगे बिग बैंग थ्योरी ब्लैक होल थ्योरी सहित अनेकों नास्तिक वैज्ञानिकों की थ्योरी झूठी साबित हुई है इस बात की पुष्टि कई सारे वैज्ञानिकों ने किया है आचार्य अग्निव्रत जी ने पत्र व्यवहार के माध्यम से देश-विदेश के अनेक विज्ञान वैज्ञानिकों से संवाद किया है और उनके तर्कशील प्रश्नों का उत्तर किसी वैज्ञानिक ने नही दिया बिग बैंग थ्योरी के जन्मदाता स्टीफन हॉकिंग ने पत्र व्यवहार के माध्यम से आचार्य जी के बातो पर संतुष्टि प्रकट करके ब्लैक होल्स थ्योरी और बिग बैंग थ्योरी में कुछ बदलाव अवश्य किया
लेकिन हम सनातनियों को चाहिए कि भारत सरकार से मांग करे की वैदिक रश्मि थ्योरी के माध्यम से कोर्स बनाकर रिसर्च सेंटर में पटाया जाए पढ़ाया जाए जिससे आने वाली हमारी पीढ़ी पश्चिमी की सभ्यता पर निर्भर ना रहे और जिससे वेद ईश्वरीय वाणी सिद्ध हो सके
Prince vidyarthi
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