बाबा केदारनाथ:- किसी व्यक्ति ने मुझे कहा कि केदारनाथ धाम दर्शन करने जाना हैं। तो मैंने उससे कहा कि गूगल से फोटो डाउनलोड कर लीजिए, और दर्शन कर लीजिए..? उसके लिए वहाँ जाने की क्या आवश्यकता है। तो उसने कहा ऐसा थोड़े ही होता है वहाँ स्वयं अपनी आँखों से प्रत्यक्ष दर्शन करना हैं।
मैंने कहा कि ठीक है चले जाइए यदि जाना ही चाहते हो तो , भाई साहब चले भी गए गर्भगृह के समक्ष पहुंचते ही जैसे ही विग्रह का सामना हुआ..? भाई साहब ने मोबाइल का कैमरा चालू कर लिया और फोटो खींचने लगे,
जैसा कि आजकल सब करते हैं । कभी सीधे कभी रोटेट करके फिर ऊपर नीचे करके फिर वीडियो कभी आड़े में कभी टेडे में फ्रेम और फिल्टर बदल बदलकर…… वैसा उन्होंने भी किया ,
इतने में पीछे से धक्का लगा तो गर्भगृह पीछे रह गया, भाई साहब आगे बढ़ गए और फोटोग्राफी के लिए वहाँ कोई और पहुँच गया
भाई साहब यात्रा से लौटकर आ गए अब अपने मोबाइल में फ़ोटो और वीडियो देखकर बाबा केदारनाथ के दर्शन कर रहे हैं ज़ूम कर करके, अपने चर्म चक्षुओं से वहाँ कुछ देख ही नहीं पाए बेचारे।
इसीलिए मैंने उनसे कहा था कि गूगल पर ही दर्शन कर लीजिए क्योंकि देखना तो तुम्हें फ़ोटो ही है स्क्रीन पर, वास्तव में गूगल पर आपके मोबाइल से अच्छी क्वालिटी में तो मिल जाता कम से कम ।
लोग घूमने जाते हैं वहां जब देखने का अवसर आता है तब फ़ोटो खींचते हैं फिर घर आकर उसे देखते हैं, कमाल है ।
इस प्रकार की घटना अधिकांश लोगो के साथ होता है, और केवल बाबा केदारनाथ धाम मे ही नही, अधिकांश धाम और मंदिरो मे लोग इसी प्रकार से दर्शन करते है,
आप निचे घंटी पर क्लिक कीजिए और allow कर के नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए…?
लेखक:- आचार्य प्रशांत शर्मा
प्रस्तुत कर्ता:- प्रिन्स विद्यार्थी







