बुलंदशहर के दौलतनगर में 8–9 महीने से लो-वोल्टेज की समस्या, आखिर कब लगेगा ट्रांसफॉर्मर?

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भारत की लगाम न्यूज़ दिनांक: 21 अक्टूबर 2026
स्थान: दौलतनगर, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश

जिरौली बिजलीघर क्षेत्र के ग्रामीणों का सवाल—अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायत पहुँचने के बाद भी समाधान क्यों नहीं?

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बुलंदशहर जिले के दौलतनगर गांव में पिछले 8 से 9 महीनों से चली आ रही लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक ट्रांसफॉर्मर बदलने या उसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

 

                              फाइल फ़ोटो

ग्रामीणों के मुताबिक, इस संबंध में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को दो से तीन बार लिखित पत्र दिए जा चुके हैं। क्षेत्रीय विधायक द्वारा भी संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बुलंदशहर में तैनात मुख्य अभियंता, एक्सईएन, एसडीओ और संबंधित जेई तक समस्या पहुंचाई गई, लेकिन ग्रामीण आज भी स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

गर्मी में 150 से 180 वोल्ट तक गिर जाता है वोल्टेज!

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में गांव में बिजली का वोल्टेज कथित तौर पर 150 से 180 वोल्ट के बीच गिर जाता है और बार-बार उतार-चढ़ाव होता है। इससे घरेलू विद्युत उपकरणों के संचालन में परेशानी होती है और उपकरण खराब होने की आशंका बनी रहती है।

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ग्रामीणों के अनुसार, हाल के दिनों में मौसम ठंडा होने और बारिश के बाद पंखे, एसी तथा अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कम हुआ है। ऐसे में वोल्टेज में कुछ सुधार महसूस हो रहा है। लेकिन ग्रामीणों को आशंका है कि गर्मियां आते ही समस्या दोबारा गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों का सीधा सवाल है—क्या बिजली विभाग गर्मी आने और लोगों को दोबारा परेशानी होने का इंतजार कर रहा है? आखिर ट्रांसफॉर्मर बदलने या आवश्यक क्षमता बढ़ाने का काम कब होगा?

जेई और ठेकेदार के बीच जिम्मेदारी का सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि कभी जेई की ओर से ठेकेदार का हवाला दिया जाता है, तो ठेकेदार की ओर से सर्वे और रिपोर्ट तैयार कराने की जिम्मेदारी संबंधित जेई की बताई जाती है।

ग्रामीणों का दावा है कि एक्सईएन और एसडीओ की ओर से भी ठेकेदार को निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

ऐसे में ग्रामीण जानना चाहते हैं कि आखिर काम कहां अटका हुआ है? क्या सर्वे और रिपोर्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, क्या ट्रांसफॉर्मर की स्वीकृति लंबित है, या फिर विभागीय स्तर पर कोई दूसरी बाधा है? बिजली विभाग को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री तक पहुंचाई गई शिकायत

ग्रामीणों का कहना है कि विश्व हिंदू रक्षा संघ न्यास से जुड़े एक कार्यकर्ता ने भी इस समस्या को संगठन के पदाधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के कार्यालय तक फोन के माध्यम से शिकायत पहुंचाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों तक फोन पहुंचने और निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

हालांकि, इन सभी शिकायतों, निर्देशों और विभागीय कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित बिजली अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों की मांग—समस्या का स्थायी समाधान हो

दौलतनगर के ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गांव की वास्तविक स्थिति की जांच कराएं, वोल्टेज की तकनीकी जांच और आवश्यक सर्वे की स्थिति स्पष्ट करें तथा यदि ट्रांसफॉर्मर बदलने या उसकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है, तो नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाए।

ग्रामीण यह भी चाहते हैं कि संबंधित जेई, एसडीओ, एक्सईएन और ठेकेदार की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए, ताकि एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय समस्या का समाधान हो सके।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिकायतें कई स्तरों तक पहुंच चुकी हैं, तो दौलतनगर के ग्रामीणों को राहत के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?

क्या बिजली विभाग गर्मी शुरू होने से पहले लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करेगा, या ग्रामीणों को एक बार फिर कम वोल्टेज और विद्युत उपकरणों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?

भारत की लगाम न्यूज़ इस मामले में संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों का पक्ष भी जानने का प्रयास करेगी, ताकि ग्रामीणों की समस्या और विभाग की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।

संबंधित अधिकारियों से अपेक्षित जवाब

  • दौलतनगर में लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई?
  • ट्रांसफॉर्मर बदलने या उसकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत का तकनीकी आकलन हुआ है या नहीं?
  • सर्वे, रिपोर्ट और स्वीकृति की प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित है?
  • ग्रामीणों को स्थायी समाधान कब तक मिलने की संभावना है?

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