भारत की लगाम न्यूज़ गोरखपुर/आजमगढ़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लूट और भ्रष्टाचार करने वाले लोग आज हमें उपदेश दे रहे हैं। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टेंडर और जेपीएनआईसी से जुड़े आकंड़ों का हवाला देते हुए सीधा हमला बोला और बिना किसी नेता का नाम लिए कहा कि लूट और भ्रष्टाचार उजागर होने से बबुआ बौखला गए हैं।
सीएम योगी बुधवार को पौधरोपण महाभियान 2025 के अंतर्गत चिलुआताल के किनारे पौधरोपण करने के पूर्व खाद कारखाना परिसर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम-2.0’ थीम पर खाद कारखाना से सटे चिलुआताल के किनारे हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) का पौधरोपण कर पवित्र धारा वन की स्थापना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व प्रदेश में योजनाओं में लूट और भ्रष्टाचार का तांडव मचा था। सपा सरकार में 341 किलोमीटर लंबे और 110 मीटर चौड़े पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए जो टेंडर निकाला गया था, उसकी लागत 15200 करोड़ रुपये थी। जबकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 120 मीटर की और दोबारा टेंडर निकाला तो
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत खाद कारखाना परिसर में पवित्र धारा वन के स्थापना कार्यक्रम में बोलते सीएम योगी। संवाद
लागत आई 11800 करोड़ रुपये। उन्होंने इस अंतर धनराशि को लूट करार देते हुए कहा कि यह रकम कहां जा रही थी।
पूर्ववर्ती सरकार की पोल खोलने के सिलसिले को जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) के आकंड़े भी जनता के सामने रखे। कहा कि जय प्रकाश नारायण, मूल्यपरक राजनीति और परिवारवाद की मुखालफत के लिए जाने जाते हैं, लेकिन सपा सरकार ने उनके नाम को भी बदनाम किया। जेपीएनआईसी की लागत सिर्फ 200 करोड़ रुपये थी लेकिन मार्च 2017 तक इस पर 860 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए और काम भी पूरा नहीं हुआ था। इसकी सीबीआई जांच हो रही है।









