शत शत नमन ????????????
वैदिक मनीषी डॉ. तुलसीराम जी से संवाद करते हुए ऐसा लगता था कि आप किसी वैदिक ऋषि से संवाद कर रहे हैं। जीवन का प्रत्येक पल आपने वेद और वैदिक वाङ्मय के रहस्योद्घाटन के लिए अर्पित कर दिया। दिल्ली के शक्तिनगर स्थित आपके निवास पर बहुत बार आपसे ज्ञान-चर्चा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रत्येक बार किसी वेद मंत्र की अन्त:श्रुति के अवबोध की चर्चा होती थी।
आपकी सारस्वत साधना दीर्घकाल तक वेदपथ के पथिकों को प्रेरित करती रहेगी।
शत शत नमन ????????????
Vivek arya
……………..
संक्षिप्त परिचय
वैदिक मनीषी डॉ. तुलसीराम
16 दिसम्बर ,1923 – 12 फरवरी, 2025
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के पूर्व कुलपति, दिल्ली विश्व विद्यालय के पूर्व कार्यकारी कुलपति, बिरला इंस्टीट्यूट, पिलानी के अंग्रेजी विभाग के पूर्वाध्यक्ष, शिवाजी कॉलेज, दिल्ली के पूर्व प्राचार्य (प्रिंसिपल), शेक्सपियर साहित्य के अधिकारी प्रवक्ता, वेदों के अंग्रेजी भाषा के भाष्यकार, मनुस्मृति, उपनिषदों आदि अन्यान्य वैदिक साहित्य एवं वेदों के अंग्रेजी भाषा में अनुवादक, अनेकों पुस्तकों के लेखक, आर्य समाज के मंचों, कनाडा रेडियो स्टेशन पर निरंतर व्याख्यान देने वाले आर्य समाज की परम्परा के सुप्रसिद्ध वैदिक प्रवक्ता डॉ तुलसी राम जी का 101 वर्ष से अधिक की आयु में आज निधन हो गया । वे इस आयु में भी सक्रिय थे । स्वाध्याय और लेखन के कार्य में लगे रहते थे ।
कैनेडा के समय अनुसार आज प्रातः 2:55 पर उनका निधन हो गया । उनके अंतिम समय में उन्हें हृदय में कुछ असुविधा हुई परंतु वे पूरी तरह से शांत थे और उन्होंने ओ३म् के उच्चारण के साथ अंतिम श्वास लिया । परिवार के सभी सदस्य इस अवसर पर उनके साथ थे ।
अभी अभी उनके सुपुत्र श्री ज्ञानेंद्र शर्मा जी से प्राप्त समाचार:
My beloved Dad passed away peacefully while sleeping at 2.55 AM in presence of family. He was calm n at rest, it was painless and he hung on with his heart right till the end. His last word before leaving his mortal body was “AUM”.







