दिल्ली जंतर-मंतर पर रामभद्राचार्य के आपत्तिजनक ब्यान लेकर आर्य समाज का धरना-प्रदर्शन, आखिर क्यो रामभद्राचार्य को आर्य समाज के सामने झुकना पड़ा…?

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माफी मांगो या करो शास्त्रार्थ

आर्य समाज: जगद्गुरू रामभद्राचार्य जी ने पिछले महीने 20 तारीख को एक आपत्तिजनक ब्यान दिया था, और उस ब्यान को अपने YouTube चैनल पर अपलोड कर दिया था , शिर्षक दिया था आर्य समाज के प्रवर्तक ऋषि दयानन्द सरस्वती ने रामायण और महाभारत को काल्पनिक बताकर बहुत बडी भुल कर दिया था

दिल्ली जंतर-मंतर पर रामभद्राचार्य के आपत्तिजनक ब्यान लेकर आर्य समाज का धरना-प्रदर्शन, आखिर क्यो रामभद्राचार्य को आर्य समाज के सामने झुकना पड़ा...?
माफी मांगो या करो शास्त्रार्थ

इस विडिओ के अपलोड होते ही हिन्दु सुधार आंदोलन के कार्यकर्ताओ और आर्य समाज के विद्वानो ने उन्हे ट्रोल करना शुरू कर दिया, कई हिन्दु संगठनो ने और आर्य समाज के विद्वानो ने दर्जनो विडिओ बनाकर उनको माफी मांगने या प्रमाण देकर शास्त्रार्थ करने की चुनौती देने लगे,

इसके बाद आनन-फानन मे रामभद्राचार्य जी ने उस विडिओ को डिलीट कर दिया, और मौन हो गये…?

पर दयानन्द जी के सिपाहीयो ने विरोध जारी रखा, और फेसबुक,  ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब पर जोरदार विरोध किया, रामभद्राचार्य जी को मेल किया, पत्र भेजा, लीगल सरकारी नोटिस भेजा, FIR दर्ज करने की धमकी दिया, फिर भी रामभद्राचार्य जी खामोश रहे..?

यह भी पढे…राम भद्राचार्य मांफी मांगे या शास्त्रार्थ करे? , व्यास पीठ से दे रहे रामभद्राचार्य झुठे व्यान, हिन्दु सुधार आंदोलन के आर्यसमाजी वैदिक विद्वान भड़के, रामभद्राचार्य मांफी मागंने को हुये मजबूर…?

इसी बात को लेकर 2 अगस्त को आर्य समाज से संबंधित कई संगठनो ने दिल्ली जंतर-मंतर पर इकट्ठा होकर शान्तीतिपूर्ण तरीके से विरध प्रदर्शन किया, जिसमे दिल्ली आर्य प्रतिनिधी सभा के मंत्री विनय आर्य ने कहा की एक संंन्यासी का इस तरह की अमर्यादित व्यान देने पर सनातन धर्म प्रेमियो का इतना आक्रोश स्वभाविक है,

हम यह नही कहते की वह माफी मांगे, क्षमा मांगे क्यो की वह बड़े है, संन्यासी है, वरिष्ठ है

हम तो बस इतना चाहते है की वह अपने शब्दो को वापस ले ले. क्यो की हम नही चाहते की गलत बात समाज मे जिन्दा रह जाये,

हम हर तरह से केवल इतना प्रयास करेंगे की वह अपनी बातो को वापस ले ले, अगर जरूरत पड़ी तो हम उनके आश्रम चित्रकूट भी जायेगे,

वही कुछ लोगो ने यह भी कहा की स्वामी दयानंद सरस्वती ने किसी भी ग्रंथ, पुस्तक मे कही नही कहा है की रामायण और महाभारत काल्पनिक है, उन्होंने राम और कृष्ण को अपने हर पुस्तक मे बार-बार सम्मान दिया है अपितु हम सभी आर्य जन प्रतिदिन यज्ञ के समय सुबह शाम  सर्वप्रथम राम और कृष्ण जी का जयघोष करते है

आप सभी पाठक गण इस लिंक पर क्लिक करके इन विडिओ को भी देखे… सत्य असत्य का निर्णय करे..?

यहा देखे…. https://youtu.be/_HWDqZD3CaI?si=jp5eMlquHiLJawvH

यह भी देखे….https://www.youtube.com/live/6YTbOd0W6DU?si=wDfe-92ror96EBlI

आप निचे घंटी पर क्लिक कर allow करके नोटीफिकेशन ऑन कर दिजीए ना…

प्रिन्स विद्यार्थी:-

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