भगवान परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रोन्मुख संदेश, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष को बताया सच्चा धर्म

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भारत की लगाम न्यूज़ अयोध्या:- सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण पर्व भगवान परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर सनातन समाज पार्टी के संस्थापक डॉ. श्री वत्साचार्य जी महाराज ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक वैचारिक और राष्ट्रहित से जुड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक अवतार नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और शौर्य के प्रतीक हैं। उनके जीवन से धर्म, न्याय और कर्तव्यपालन की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि विभिन्न युगों में भगवान परशुराम ने अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. वत्साचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में समाज नैतिक मूल्यों के क्षरण, राजनीतिक स्वार्थ और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में भगवान परशुराम के आदर्श और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय के सामने मौन रहना उचित नहीं, बल्कि उसके विरुद्ध संगठित और संवैधानिक संघर्ष ही सच्चे धर्म का मार्ग है।

उन्होंने यह भी कहा कि सनातन समाज पार्टी का उद्देश्य जाति और वर्ग भेद से मुक्त ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त हो। उन्होंने लोकतंत्र की वास्तविक भावना को मजबूत करने के लिए सामाजिक और नैतिक सुधार को आवश्यक बताया।

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की रीढ़ है और उन्हें भ्रष्टाचार व अन्याय के विरुद्ध सजग रहकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से धर्म, न्याय और समरसता पर आधारित सशक्त राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

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